विज्ञान के चमत्कार पर निबंध (Wonders Of Science Essay In Hindi)

आज हम विज्ञान के चमत्कार पर निबंध (Essay On Wonders Of Science In Hindi) लिखेंगे। विज्ञान के चमत्कार पर लिखा यह निबंध बच्चो (kids) और class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए लिखा गया है।

विज्ञान के चमत्कार पर लिखा हुआ यह निबंध (Essay On Wonders Of Science In Hindi) आप अपने स्कूल या फिर कॉलेज प्रोजेक्ट के लिए इस्तेमाल कर सकते है। आपको हमारे इस वेबसाइट पर और भी कही विषयो पर हिंदी में निबंध मिलेंगे, जिन्हे आप पढ़ सकते है।


विज्ञान के चमत्कार पर निबंध (Wonders Of Science Essay In Hindi)


प्रस्तावना

हर घटना के पीछे कोई न कोई विज्ञान जरूर होता है, चाहे वह घटना प्राकृतिक हो या मानव द्वारा निर्मित। यदि हम पानी भी उबलते हैं तो उसके पीछे भी विज्ञान होता है। पृथ्वी में ही नहीं बल्कि ब्रह्मांड में जो भी घटनाएं होती है उसके पीछे विज्ञान ही होता है।

विज्ञान हमारे पृथ्वी पर बहुत पुराना है, हमारे पूर्वज ने विज्ञान की मदद से ही आज आधुनिक दुनिया का निर्माण किया है। विज्ञान हमारे लिए चमत्कार की तरह है, परंतु इसका अधिक इस्तेमाल करने पर यह अभिशाप भी बन जाता है।

आदिमानव द्वारा उपयोग किए जाने वाले आग की खोज से लेकर आज के डिजिटल चमत्कार होता है, सब विज्ञान की ही देन है। आज दुनिया भर में विज्ञान की विभिन्न प्रकार की शाखाएं है तथा इसी शाखाओं के बीच रहकर हम अध्ययन भी करते हैं।

विज्ञान के प्रकार प्राकृतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान आदि सभी विज्ञान के प्रकार है। शुरुआती दौर में मानव केवल एक बंदर के रूप में आया था, जिसका पृथ्वी पर कोई अस्तित्व नहीं था। परंतु जैसे-जैसे बंदरों में विकास होने लगा वैसे वैसे मनुष्य के रूप में आने लगा।

मानव होमो सेपियंस जाति का है। यह पृथ्वी में उपस्थित सभी जीवो में सबसे समझदार है। इतिहास की बात करें तो करोड़ों सालों तक पृथ्वी पर केवल डायनासोर का राज रहा, बाद में पृथ्वी में बदलाव होने लगे परंतु डायनासोर अपने आप में कोई बदलाव नहीं कर पाया और डायनासोर काल का वहीं पर अंत हो गया।

इसी के बीच होमो सेपियंस में अपने आप में मौसम के अनुसार बदलाव करते रहे और उनका अस्तित्व बना रहा। आज वह पृथ्वी के सबसे समझदार प्राणी है, जिन्हें हम मनुष्य कहते हैं। मानव को सबसे पहले भोजन की आवश्यकता पड़ी और उसे पाने के लिए वह अन्य जानवरों पर निर्भर रहा करते थे।

परंतु शिकार करना आसान नहीं होता था, फिर उन्होंने शिकार के लिए पत्थरों के माध्यम से हथियार बनाए। तभी से एक विज्ञान का जन्म हुआ। यह कहानी करोड़ों साल पुरानी है, अब मनुष्य दिन प्रतिदिन विज्ञान के माध्यम से नई तकनीक खोजता रहता है और अपने जीवन की रक्षा करता है।

मनुष्य विज्ञान के चमत्कारों से सीख पाता है। इन चमत्कारों से कभी हानि होती है तो कभी नुकसान भी होता है। जिसकी भरपाई पृथ्वी में रहने वाले सभी जीव करते हैं।

विज्ञान का अर्थ

विज्ञान वह शब्द है जिसके माध्यम से प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रूप से विश्वास किया जा सकता है। इसमें किसी तरह की कल्पना अथवा अंधविश्वास नहीं होता है। यह केवल प्रयोगात्मक तरीके से सिद्ध किए हुए अध्ययन को ही प्रमाण के रूप में माना जाता है।

इसी पर हम सब विश्वास करते हैं। विज्ञान दो शब्दों से मिलकर बना है। विज्ञान का अर्थ होता है किसी विशेष ज्ञान की प्राप्ति के लिए प्रयोगात्मक तरीके से सिद्ध किए हुए परिणाम को प्राप्त करना। विज्ञान में “वि” उपसर्ग लगा हुआ है जिसका अर्थ विशेष तथा अर्थ का मतलब ज्ञान होता है।

मानव के लिए विज्ञान के उपहार

मनुष्य ने बहुत सी ऐसी खोज कर ली है जिससे मनुष्य जाति का फायदा होता आ रहा है। मनुष्य ही नहीं अपितु उन सभी जीव जंतु जो इससे प्रभावित होते हैं, उन सब को इन विज्ञान के द्वारा खोजी गई चीजों से फायदा होता है।

जो हमारे लिए एक उपहार की तरह कार्य करता है। मनुष्य जाति के लिए निम्नलिखित विज्ञान के उपहार है, जो इस प्रकार है:-

टेलीफोन

टेलीफोन की खोज एलेग्जेंडर ग्राहम बेल ने 1876 में की थी। आज यह दुनिया के हर कोने में इस्तेमाल किया जाने वाला महत्वपूर्ण यंत्र है। आज इसके बिना दुनिया अधूरी सी लगती है। टेलीफोन के माध्यम से हम अपनी आवाज को दूसरे जगह बैठे व्यक्ति के कानों तक पहुंचा सकते हैं। यह मानव जाति के लिए एक विज्ञान का दिया हुआ बेहतरीन उपहार है।

पहिया

वैसे तो पहले की खोज 3500 ई. पू. में हो गई थी, परंतु उस समय के बाद पहियों का इस्तेमाल कृषि तथा परिवहन के लिए भी किया जाता था। परंतु आज उनका इस्तेमाल इन कार्यों के अलावा भी बहुत से कामों में किया जाता है।

आज पहिया एक मशीन में लगाकर उसमें नई तकनीक सेट करके अनाजों को पीसने के काम भी इस्तेमाल आता है। पहिया आज हमारे दैनिक जीवन में इस्तेमाल होने वाले कार, मोटर, साइकिल आदि में इस्तेमाल किया जाता है, इसके बिना यह सारे यंत्रों को इस्तेमाल करना लगभग नामुमकिन है।

बल्ब

बल्ब का आविष्कार करते समय अमेरिका के आविष्कारक थॉमस एडिसन लगभग 10000 बार विफल हुए थे। परंतु उन्होंने हार नहीं मानी और बल्ब का आविष्कार किया। आज का आविष्कार विज्ञान की एक ऐसी देन है जिसका उपयोग हर कोई करता है।

आज जिस रोशनी में हम पढ़ाई तथा अन्य महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। इसी बल्ब के रोशनी में करते हैं। यह विज्ञान के उन सभी बेहतरीन आविष्कारों में से हैं, जिनके मदद से यह दुनिया पूरी हो पाई है।

बिजली

बिजली के बिना पूरी दुनिया अंधकार में चली जाती है। अगर बिजली नहीं होती तो हम केवल दिन में ही कार्य करते और रात में कोई भी कार्य की कल्पना करना लगभग असंभव था।परंतु हमारे वैज्ञानिकों ने बिजली पर निरंतर कार्य किया और यह चमत्कारी वस्तु का निर्माण किया।

आज हम जिन भी कार्यों को करना चाहते हैं, चाहे वह बाइक चलाना हो या कंप्यूटर या अन्य कोई भी यंत्र जो एक स्थान से दूसरे स्थान में जाते हैं। उन सभी के लिए बिजली की आवश्यकता होती है, इसीलिए हम यह कह सकते हैं कि यह हमारे लिए एक चमत्कार से कम नहीं है।

विज्ञान के आविष्कार के कारण अभिशाप

परमाणु बम

हर कोई अपने देश की सुरक्षा चाहता है और अपने देश की सुरक्षा के लिए हर वो तरीका अपनाता है, जिससे वहां पर रहने वाले नागरिक सुरक्षित रहे। परंतु कुछ ऐसी शक्तियां भी होती है, जो सुरक्षा के साथ-साथ एक भयानक खतरा भी बन सकती है। जिसका नाम परमाणु बम है।

परमाणु बम अत्यंत खतरनाक होता है। यदि कहीं पर इसका विस्फोट हो जाए, तो उस जगह पर सदियों तक किसी प्रकार की वनस्पति तथा जीव जंतु उत्पन्न नहीं होते हैं। 6 अगस्त 1945 को अमेरिका ने जापान के शहर हिरोशिमा में परमाणु बम गिराया था। उस जगह पर आज भी किसी प्रकार की वनस्पतियों नहीं पनपती है और जो मानव जाति वह रह रही है वह आज भी विकलांग होती है।

प्रदूषण

प्रदूषण दो तरह का होता है। एक प्राकृतिक प्रदूषण और दूसरा कृत्रिम प्रदूषण, परंतु आज प्राकृतिक प्रदूषण के मुकाबले कृत्रिम प्रदूषण बढ़ता ही जा रहा है। यह मनुष्य द्वारा फैलाया गया अपशिष्ट पदार्थ होता है, जो प्रकृति के साथ मिलकर एक नया पदार्थ बना देता है। जिस वजह से प्रकृति में प्रदूषण फैल जाता है।

प्रदूषण के कई प्रकार होते हैं, जैसे ध्वनि प्रदूषण, वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण प्रमुख प्रकार हैं। नई-नई खोज के कारण अपशिष्ट पदार्थ इन प्रकारो तथा अन्य माध्यम से पृथ्वी में मिल जाते हैं और वहां पर रहने वाले जीव को हानि पहुंचाते हैं, जो पृथ्वी के पारिस्थितिकी तंत्र को पूर्ण तरह से नष्ट कर देते हैं। जिससे काफी नुकसान होता है।

रोबोट

रोबोट भी मानव के लिए एक अभिशाप की तरह ही है, क्योंकि दिन प्रतिदिन रोबोट का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। जिससे बेरोजगारी दर भी बढ़ रहा है। एक रोबोट 10 इंसानों के बराबर काम कर लेता है, इसीलिए बड़े उद्योग तथा कंपनी इंसानों के जगह रोबोट के द्वारा कार्य करवाते हैं।

रोबोट से कार्य करवाने से किसी प्रकार के गलती का मौका नहीं रहता है। विज्ञान की देन मनुष्य के लिए अभिशाप की तरह ही कार्य कर रही है।

मोबाइल

आज के समय में मोबाइल का इस्तेमाल हर कोई कर रहा है। दुनिया के हर कोने में मोबाइल पहुंच गया है, लेकिन इसके वजह से प्रकृति तथा मनुष्य को कितना बड़ा नुकसान हो रहा है इसके बारे में शायद ही हम जानते हो।

मोबाइल से निकलने वाली तरंगें जो मनुष्य के साथ-साथ पक्षियों के लिए भी हानिकारक है। आज इन तरंगों के वजह से बहुत से पक्षी मर जाते हैं, क्योंकि पक्षी एक दिशा निर्धारण पर कार्य करते हैं।

इन तरंगों के वजह से यह दिशा भटक जाती है और पक्षी अपने निश्चित समय में निश्चित जगह नहीं पहुंच पाते, इसीलिए यह मानव की सबसे बड़ी खोज होने के साथ-साथ आने वाले समय का सबसे बड़ा अभिशाप भी होगा।

उर्वरक

कृषि के क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाला उर्वरक फसलों को अच्छा पोषक तत्व तो देता है, परंतु इसका दुष्प्रभाव मनुष्य के शरीर के साथ साथ खेती योग्य भूमि को भी खराब कर देता है।उर्वरक विज्ञान के बाद देन है, जिसमें 1 से अधिक रसायनिक तत्व मिलकर इसका निर्माण करते हैं।

जो खेती योग्य भूमि में इस्तेमाल करने से पौधों को पोषक तत्व प्रदान करते हैं, परंतु इसके बदला धरती को भी इसका ऋण चुकाना पड़ता है। इससे धरती अम्लीय तथा कुछ उर्वरकों के कारण जारी हो जाती है।

जिसमें पौधे ठीक तरह से उग नहीं पाते, जब इन खेतों का पानी नालों के माध्यम से नदियों में जाता है और नदियों से समुद्र में मिलता है। तब रसायन युक्त पानी का प्रभाव समुद्र में रहने वाले जीव जंतुओं पर भी पड़ता है। यह विज्ञान की देन में से एक है, जिसके कारण पृथ्वी के सभी जीवो को नुकसान होता है।

निष्कर्ष 

विज्ञान का इस्तेमाल करना अच्छी बात है, परंतु हद से ज्यादा उपयोग करना यह इंसानों के साथ साथ प्रकृति के लिए भी विनाशकारी सिद्ध होता है। इसीलिए हमें विज्ञान के चमत्कारों पर विश्वास करना चाहिए और उसका सही इस्तेमाल करना भी सीखना चाहिए।


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तो यह था विज्ञान के चमत्कार पर निबंध, आशा करता हूं कि विज्ञान के चमत्कार पर हिंदी में लिखा निबंध (Hindi Essay On Wonders Of Science) आपको पसंद आया होगा। अगर आपको यह लेख अच्छा लगा है, तो इस लेख को सभी के साथ शेयर करे।

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