तरबूज पर निबंध (Watermelon Essay In Hindi)

आज के इस लेख में हम तरबूज पर निबंध (Essay On Watermelon In Hindi) लिखेंगे। तरबूज पर लिखा यह निबंध बच्चो (kids) और class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए लिखा गया है।

तरबूज पर लिखा हुआ यह निबंध (Essay On Watermelon In Hindi) आप अपने स्कूल या फिर कॉलेज प्रोजेक्ट के लिए इस्तेमाल कर सकते है। आपको हमारे इस वेबसाइट पर और भी कही विषयो पर हिंदी में निबंध मिलेंगे, जिन्हे आप पढ़ सकते है।


तरबूज पर निबंध (Watermelon Essay In Hindi)


तरबूज फल लोकप्रिय फलों में से एक है। गर्मियों में अक्सर लोग तरबूज खाना बेहद पसंद करते है। पहले तरबूज के खेत का आरम्भ सिर्फ मिस्र और चीन जैसे देशो ने किया था। उसके बाद अब पूरी दुनिया में तरबूज के बड़े बड़े खेत पाए जाते है। आम तौर पर तरबूज बहुत बड़ा फल होता है। इसे काटकर खाया जा सकता है।

लोग इस फल को काटकर इसका जूस बना लेते है। जूस में थोड़ा बर्फ डालकर भी पीते है। यह गर्मियों में ठंडक देता है। तरबूज उगाने के लिए गर्म मौसम की आवश्यकता  होती है।इसे उगाने के लिए रेतीली मिटटी की ज़रूरत होती है।

तरबूज अन्य फलों के आकार की तुलना में बहुत विशाल होता है। इसमें पोटैशियम, मैग्नीशियम और आयरन जैसे ज़रूरी खनिज पदार्थ होते है। आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा को बढ़ाते है। तरबूज़ खाने में बहुत मीठा होता है। बच्चो से लेकर बड़े सभी इसे चाव और आनंद से खाते है।

तरबूज बहुत सख्त होता है। इसके अंदर के लाल रंग के हिस्से को खाया जाता है। इसमें काले रंग के बीज होते है। तरबूज में बहुत पानी रहता है और आठ फीसदी शर्करा होता है। यह फल गर्मियों के समय शरीर में पानी की कमी को मिटा देता है। इसके रस को पीकर लोग तरोताज़ा हो जाते है।

तरबूज में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते है, जो सेहत के लिए फायदेमंद होते है। इसमें विटामिन और विटामिन सी गुणों का समावेश होता है। इस फल में भरपूर मात्रा में कार्बोहायड्रेट, प्रोटीन और डेढ़ सारा फाइबर होता है। इस फल में एंटीऑक्सिडेंट्स होता है, जो शरीर में बहुत स्फूर्ति देता है। लोग तरबूज़ के रस को पीकर दिन भर सक्रीय रह सकते है।

तरबूज से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी किसी भी रोग से लड़ने की शक्ति को कहा जाता है। तरबूज़ में लाइकोपीन जैसे पोषक तत्व होते है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को विकसित करता है| किडनी से जुड़ी कोई भी बीमारी तरबूज खाने से दूर हो जाती है।

तरबूज़ में पोटैशियम जैसे तत्व होते है जो ह्रदय संबंधित बीमारियों से लोगो को दूर रखते है। तरबूज़ का रस पीने से रक्त प्रवाह नियंत्रण में रहता है। इसमें पानी की मात्रा इतनी अधिक होती है कि गर्मियों में डिहाइड्रेशन जैसी समस्या को दूर कर देता है।

तरबूज़ को खाने से हम फिट रह सकते है। इसमें एक पोषक तत्व होता है, जो शरीर में जमी अत्यधिक फैट को कम कर देता है। तरबूज़ का रस आपको तुरंत एनर्जी प्रदान करता है, जिसकी वजह से आपका मन फ्रेश हो जाता है।

तरबूज़ खाने से आपकी त्वचा स्वस्थ रहती है। इसमें लाइकोपीन तत्व है, जो त्वचा को सुन्दर रखता है। तरबूज़ में मौजूद पानी त्वचा में नमी पैदा करता है। तरबूज लाइकोपीन का एक अच्छा स्रोत हैं। लाइकोपीन एक प्रकार का एंटीऑक्सिडेंट है|

गर्भवती महिलाओं को तरबूज का सेवन करना चाहिए। इस समय महिलाओं को गैस और पेट की समस्या होती है। ऐसे में तरबूज़ ठंडा होता है, तो इससे उन्हें आराम होता है। फिर भी डॉक्टर से एक बार मशवरा करना अच्छा रहेगा। तरबूज़ कई प्रकार के कैंसर जैसे प्रोस्टेट, फेफड़े और पेट के कैंसर से लोगो को दूर रखता है।

तेज़ गर्मियों में जब लोग थक कर दफ्तर से घर आते है, तब तरबूज़ का रस उन्हें कड़ी धूप की चपेट से बचाता है। तरबूज़ खाना निश्चित तौर पर सेहत के लिए फायदेमंद होता है। मगर अत्यधिक खाने से पेट में दर्द जैसी परेशानियों को हमे झेलना पड़ सकता है। मनुष्य के स्वास्थ्य और सौंदर्य को बनाये रखने में तरबूज़ महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।

मनुष्य के शरीर में ग्लूकोस की गिरावट को तरबूज़ दूर करने में सक्षम है। तरबूज़ को अंग्रेजी में वाटर मेलोन कहते है। नाम से ही समझ आता है, यह पानी की कमी को दूर करता है।अगर किसी व्यक्ति को कब्ज़ इत्यादि की समस्या है, तो तरबूज़ खाकर यह समस्या दूर हो जाती है।

तरबूज़ को रात में ना खाये तो ही बेहतर होगा। तरबूज़ खाने का सबसे सही समय दोपहर का होता है। दोपहर में एक से दो बजे के अंदर तरबूज़ के फल काटकर या जूस पी सकते है। ध्यान रखे फल को तुरंत खाये, ज़्यादा देर से ना खाये वरना बासी हो जाएंगे। इससे आपकी तबियत खराब हो सकती है।

अगर आपको खट्टे डकार रहे है, तो तरबूज़ के टुकड़ो पर काली मिर्च का पाउडर छिड़ककर खा सकते है। इससे खट्टे डकार समाप्त हो जाते है। अगर व्यक्ति ज़्यादा परिमाण में तरबूज़ खा ले तो अपच जैसी परेशानी हो सकती है। साथ ही उल्टी भी शुरू हो जाती है।

कई बार देखा गया है की व्यक्ति तरबूज़ खाने के बाद पानी पी लेता है। ऐसा उन्हें नहीं करना चाहिए। तरबूज़ के बाद पानी पीने से, पेट में जाकर खाना डाल्यूट हो जाता है। इससे खाना ठीक से पचता नहीं है और एसिडिटी जैसी समस्या  हो सकती है।

तरबूज़ हमारे वजन को कम करने में मददगार साबित हुआ है। तरबूज़ में शुगर की मात्रा बहुत ज़्यादा होती है। इससे डायबिटीज यानी मधुमेह जैसी परेशानियां हो सकती है। जो मरीज़ डायबिटीज यानी मधुमेह से पीड़ित है, उन्हें तरबूज़ हरगिज़ नहीं सेवन करना चाहिए। अगर वह इन्सुलिन ले रहे है, तो तरबूज़ का सेवन नहीं करना चाहिए।

यदि आपके चेहरे पर कील मुहासे है, तो तरबूज़ के टुकड़े को अपने चेहरे पर लगा ले और कुछ समय बाद गुनगुने पानी से चेहरा धो ले। इससे आपका चेहरा खिल उठेगा। तरबूज़ ज़्यादा मात्रा में सेवन करने से मांसपेशियों में ऐंठन जैसी दिक्कतें होती है। इसलिए व्यक्ति को सोच समझ कर सही मात्रा में तरबूज़ का सेवन करना चाहिए।

कोई भी चीज़ ज़रूरत से ज़्यादा खाना अच्छा नहीं होती है। जिन व्यक्ति को आँखों से संबंधित परेशानी है या जो चाहते है की आँखें स्वस्थ रहे वह तरबूज़ खा सकते है। तरबूज़ में बीटा कैरोटीन पिग्मेंट मौजूद होता है, जो आँखों के लिए बेहद अच्छा होता है।

तरबूज़ को खाने से शरीर में मौजूद विषाक्त तत्व बाहर निकल जाते है। तरबूज फलों में समृद्ध है क्योंकि इसमें विटामिन , विटामिन सी, विटामिन बी 6 और विटामिन बी 1 शामिल हैं।तरबूज़ में प्रति कप 46 कैलोरी होती है।

तरबूज़ को कुछ लोग अचार बनाने के लिए पकाते हैं, मध्य पूर्व और चीन में इसे भूनते हैं और इसका स्नैक बनाते हैं। गर्मियों के मौसम का लोग बेसब्री से इंतज़ार करते है, क्यूंकि तरबूज़ एक स्वादिष्ट और रसीला फल होता है।

लोग इसे बिना खाये इस मौसम में रह नहीं सकते है। तरबूज़ खाने से व्यक्ति को इतनी भूख नहीं लगती। पेट जैसे भरा रहता है, क्यूंकि इसमें फाइबर और बहुत सारा पानी होता है। बीज रहित तरबूज संकरण यानी ह्यब्रिडाइसेशन के परिणाम से मिलते हैं। कुछ दशकों पहले बीज रहित तरबूज मिलना मुश्किल था, लेकिन आज यह तरबूज की कुल बिक्री के 85% हिस्से से बना है।

यह संयुक्त राज्य अमेरिका में है। तरबूज में अभी भी आपको जो सफेद बीज मिलते हैं, वे खाली बीज के कोट होते हैं जो खाने के लिए सुरक्षित होते हैं। एथलीटों को दौड़ने में बड़ी मेहनत लगती है। उन्हें तरबूज़ का जूस नियमित रूप से पीना चाहिए। कई एथलीट कसरत और लगातार प्रशिक्षण के बाद तरबूज या तरबूज के रस का सेवन करते हैं।

तरबूज में अमीनो एसिड होता है, जिसे सिट्रलीन (Citrulline) कहा जाता है। यह मांसपेशियों की तकलीफ को कम करने में मदद करता है। सिट्रलीन पूरक के रूप में तरबूज़ में उपलब्ध है।

तरबूज़ में विटामिन भरपूर मात्रा में होती है, जो त्वचा के निखार के लिए बेहद आवश्यक होती है। तरबूज के छिलकों को सन बर्न, त्वचा के रैशेस से बचने के लिए उपयोग किया जाता है। इसे त्वचा पर रगड़ने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इससे त्वचा की परेशानियां तेज़ी से ठीक हो जाती है और चेहरा दमक उठता है।

तरबूज़ में प्रचुर मात्रा में विटामिन सी होता है। विटामिन सी आपके बालों के लिए सही है और आपकी त्वचा के लिए मददगार है। विटामिन की कमी से आपकी त्वचा रूखी और परतदार हो सकती है। तरबूज़ में विटामिन प्रचुर मात्रा में होती है।

निष्कर्ष

यह एक लज़्ज़तदार फल है जो विटामिन्स और मिनरल्स से भरपूर है। तरबूज़ में विटामिन , विटामिन सी, विटामिन बी 1, विटामिन बी 5, विटामिन बी 6, पोटेशियम और मैग्नीशियम जैसे खनिज पदार्थ शामिल हैं। तरबूज़ एक लाभकारी गुणों वाला फल है। तरबूज़ आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर है। इसके कई अनगिनत फायदे है। इसे सीमित मात्रा में सेवन करना चाहिए। यह ना केवल सेहत बल्कि बालों और तवचा के लिए भी उतना ही फायेमंद है।


तो यह था तरबूज पर निबंध, आशा करता हूं कि तरबूज पर हिंदी में लिखा निबंध (Hindi Essay On Watermelon) आपको पसंद आया होगा। अगर आपको यह लेख अच्छा लगा है, तो इस लेख को सभी के साथ शेयर करे।

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