पेड़ पर निबंध (Trees Essay In Hindi Language)

आज के इस लेख में हम पेड़ पर निबंध (Essay On Trees In Hindi) लिखेंगे। पेड़ पर लिखा यह निबंध बच्चो और class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए लिखा गया है।

पेड़ पर लिखा हुआ यह निबंध (Essay On Trees In Hindi) आप अपने स्कूल या फिर कॉलेज प्रोजेक्ट के लिए इस्तेमाल कर सकते है। आपको हमारे इस वेबसाइट पर और भी कही विषयो पर हिंदी में निबंध मिलेंगे, जिन्हे आप पढ़ सकते है।

पेड़ पर निबंध (Trees Essay In Hindi)


भूमिका

वृक्ष यानी पेड़-पौधे, जो ना सिर्फ मानव जीवन के लिए अपितु पूरी प्रकृति के लिए अत्यंत लाभकारी हैं। उन्हें हम अपने जीवन में कितना महत्व देते हैं? ये हमें अपने आप से पूछना होगा।

कई लोग घने पेड़ों को कटवाकर बड़ी बड़ी इमारतें, मकान और व्यावसायिक क्षेत्रों का निर्माण करवा लेते हैं, परन्तु वे शायद ये नहीं जानते कि ऐसा करके वे जीवन का विनाश करने की प्रक्रिया में भाग ले रहे हैं। या फिर जानबूझ कर भी धन के लालच में अनजान बन रहे हैं।

ये पृथ्वी जिसपर हमने और सारे प्राणियों व पेड़ पौधों ने जन्म लिया है, ये सिर्फ हमारी ही नहीं है बल्कि उन सभी प्राणियों और पेड़ों की भी है जिसे ये धरती अपने आंचल में समाए हुए है। हम सभी इसके द्वारा प्रदत्त वस्तुओं, स्थान और सुविधाओं के बराबर के हकदार हैं।

लेकिन मनुष्य अन्य सभी से शक्तिशाली होने के कारण इनका दमन करता आया है और पृथ्वी पर उपलब्ध हर वस्तु पर अपना ही अधिकार समझता है। आज हम पेड़ों पर लिखे गए इस निबंध के जरिए समाज को जागरूक करने में एक छोटा सा प्रयास करना चाहते हैं ताकि सभी को वृक्षों का महत्व पता चल सके।

हम सभी किसी ना किसी रूप में वृक्षों का उपयोग करते आ रहे हैं। चाहे हमें पता हो या ना हो लेकिन प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर लगभग हर वस्तु जो हम उपयोग या उपभोग करते हैं, उसे प्रदान करने में पेड़ों का ही योगदान होता है।

परन्तु फिर भी हम पेड़ पौधों को छोड़कर अन्य सभी चीज़ों की परवाह करते हैं। पेड़ आजीवन मानवों के लिए लाभकारी होते हैं और यदि उन्हें काट भी दिया जाए तब भी वे हमारा भला ही करते हैं। इसलिए कहा गया है –

“तस्मात् तडागे सद्वृक्षा रोप्याः श्रेयोऽर्थिना सदा ।

पुत्रवत् परिपाल्याश्च पुत्रास्ते धर्मतः स्मृताः ॥”

अर्थात् जो मनुष्य कल्याण चाहता है उसे अच्छे अच्छे वृक्ष लगाने चाहिए और फिर उनका अपने पुत्रों की तरह पालन पोषण करना चाहिए, क्योंकि धर्म के अनुसार पेड़ों को ही पुत्र माना गया है।

पेड़ों का धार्मिक और पौराणिक महत्व 

वृक्षों का महत्व पुराने जमाने से है और इन्हे पूजा जाता है। हिन्दू धर्म में ये भी मान्यता है कि कई प्रकार के पेड़ों में देवता निवास करते हैं। जिसमें पीपल के पेड़ में खासकर देवताओं का आश्रय मानते हैं।

भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में पीपल को अपना एक स्वरूप माना है। इसी प्रकार से बरगद के वृक्ष में भगवान विष्णु और शिवजी का वास माना गया है और इसके लिए वट सावित्री का व्रत भी रखा जाता है।

इसी प्रकार से बेल का वृक्ष, शमी का वृक्ष, नारियल, नीम और अनार का वृक्ष, आंवले का वृक्ष, केले का वृक्ष, तुलसी का पौधा आदि कई प्रकार के पौधों को शुभ फलदायक मानते हैं। अशोक का पेड़ तो हर पूजा में शामिल होता है।

क्योंकि इसकी पत्तियों से ही पूजा व हवन स्थल, घर, दुकान, मंडप आदि सजाए जाते हैं, जिससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। ऐसा भी माना जाता है कि पेड़ पौधे लगाने से सभी प्रकार के वास्तु दोष खत्म हो जाते हैं।

पुराने समय से ही पेड़ों को महत्व दिया जाता है, ऋषि मुनि हमेशा वन में रहते थे और वहीं रहकर तपस्या किया करते थे। इसके अलावा वे अपने शिष्यों को शिक्षा दीक्षा भी वनों में ही देते थे। वे ऐसा इसलिए करते थे क्योंकि वन में जिस शांति और सुकून का अनुभव होता है वो अन्य कहीं नहीं होता और वन के शांत वातावरण में मन मस्तिष्क की एकाग्रता बढ़ती है।

पेड़ पौधों की उपयोगिता

वृक्ष अपने हर रूप में मानवों के लिए हितकारी होते हैं। इनका हर एक भाग चाहे तना हो, जड़, फूल, फल या पत्तियां हर किसी का उपयोग किया जाता है। पेड़ पौधों को जीवनदाता कहा जाता है, क्योंकि इनके बिना धरती पर जीवन संभव नहीं है।

पेड़ ऑक्सीजन गैस छोड़ते हैं, जिसे मनुष्य ग्रहण करते हैं और जीवित रहते हैं। मनुष्य जो ऑक्सीजन गैस छोड़ते हैं उसे पेड़ पौधे ग्रहण करते हैं, जिससे वायु शुद्घ रहती है। ऑक्सीजन गैस हमारे रक्त में मिलकर पूरे शरीर को ऊर्जा और चेतनता प्रदान करती है।

“जीवन का आधार वृक्ष हैं,

धरती का श्रृंगार वृक्ष हैं।

प्राणवायु दे रहे सभी को,

ऐसे परम उदार वृक्ष हैं।”

पेड़ पौधों से फल सब्जियां, अनाज आदि कई प्रकार के खाद्य पदार्थ मिलते हैं, जिन्हे खाकर हमारा शारीरिक और मानसिक विकास होता है। हम जो भी भोजन बनाते हैं या फिर नए नए व्यंजन बनाते हैं, उनमें स्वाद और खुशबू लाने के लिए मसाले भी पेड़ों से ही प्राप्त होते हैं।

कागज जिस पर हम लिखते हैं वो भी पेड़ों से ही बनता है। पेड़ों की लकड़ियों से आकर्षक फर्नीचर और घर के कई सामान बनाए जाते हैं। कई स्थानों पर तो लकड़ी के घर बनाकर भी लोग रहते हैं।

पेड़ों का उपयोग कई प्रकार के रोगों से निजात पाने के लिए दवाइयां बनाने में भी किया जाता है। नीम का पेड़ तो त्वचा संबंधी रोगों में रामबाण इलाज होता है। पेड़ों की हरियाली को देखने भर से आंखों को आराम मिलती है।

पेड़ों से प्रकृति का संतुलन बना रहता है। जहां पर पेड़ लगे होते हैं वहां बाढ़ और भूकंप की समस्याएं कम उत्पन्न होती हैं। पेड़ धरती को शीतलता प्रदान करते हैं और ओजोन परत की सुरक्षा करते हैं।

पेड़ों से प्रदूषण कम होता है और वातावरण स्वच्छ रहता है इसीलिए हम सभी प्राकृतिक जगह पर जाकर पिकनिक मनाना पसंद करते हैं। जब भी किसी अवसर पर सजावट करनी हो तो पौधों, पत्तियों और महकते फूलों से अच्छा विकल्प आपको नहीं मिल सकता है।

घटते पेड़ो की संख्या 

पेड़ पौधों का इतना लाभ होने के बाद भी मानव स्वार्थी होकर उन्हें काट रहा है। आज धरती पर वन घटते जा रहे हैं और जिसकी वजह से प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। जनसंख्या वृद्धि होने से मनुष्य रहने को अपना आवास बनाने के लिए पेड़ काट देते हैं।

कई लोग पेड़ कटवाकर मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और और बिल्डिंग्स बनवा लेते हैं। इस प्रकार से आधुनिकता बढ़ने के साथ ही पेड़ों का हनन हो रहा है और इनकी अंधाधुंध कटाई की होड़ मची है।

पेड़ हमारी प्राकृतिक संपदा हैं इन्हें बचाने की बजाय लोग निरंतर काट कर अपना कार्य सिद्ध कर रहे हैं। कई लोग तो सिर्फ इनकी लकड़ी बेचकर पैसा जमाने के लिए है अनावश्यक रूप से काट देते हैं।

जिनके परिणाम अत्यंत भयानक हो सकते हैं। पेड़ कम होने से वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ती जा रही है, जिससे वायु प्रदूषण भी बढ़ता जा रहा है। अगर ऐसे ही पेड़ कटते गए तो आने वाली पीढ़ियों का सांस लेना भी मुश्किल हो जाएगा और कई प्रकार की बीमारियां पैदा हो जाएंगी।

वृक्ष कम होने से ग्लोबल वार्मिग की समस्या भी निरंतर बढ़ती जा रही है। पेड़ों से ही जल चक्र चलता रहता है और बारिश होती है, लेकिन आज के आधुनिक युग में पेड़ कम होने की वजह से बारिश भी नियमित रूप से नहीं आ रही है।

जंगल जैसे जैसे कम हो रहे हैं कई प्रकार की जानवरों कि प्रजातियां भी लुप्त होती जा रही है, क्योंकि उनका एकमात्र आश्रय तो केवल वन ही हैं। अतः ना सिर्फ मानव जाति बल्कि पेड़ कटने से जानवर और पक्षियों को भी भयंकर परिणाम झेलने पड़ते हैं।

पेड़ों का संरक्षण

अगर हम अपने और अपनी आने वाली पीढ़ियों के जीवन को सुचारू ढंग से चलाना चाहते हैं। तो हमें वृक्षों का संरक्षण करना ही होगा और अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना होगा। बच्चे, बड़े और बूढ़े सभी को वृक्षारोपण करना अपना दायित्व समझना चाहिए और इस हेतु सभी को जागरूक करना चाहिए।

आजकल सरकार और कई जागरूक लोग पेड़ पौधे लगाने के लिए सभी को प्रेरित कर रहे हैं और खुद भी पौधे लगा रहे हैं। परन्तु ये काम किसी एक व्यक्ति का नहीं है, अपितु सभी को मिलकर वृक्ष लगाने होंगे और पेड़ कम होने की इस समस्या से छुटकारा पाना होगा।

आजकल विद्यालयों में भी शिक्षक कई तरह की प्रतियोगिताओं के द्वारा बच्चों को पेड़ लगाने हेतु प्रोत्साहित कर रहे हैं। भारत में हर वर्ष 1 जुलाई से वन महोत्सव भी मनाया जाता है, जिसके अन्तर्गत पूरे एक सप्ताह तक सारे देश में सभी नागरिकों द्वारा पेड़ लगाए जाते हैं।

अब धीरे धीरे लोगों में पेड़ों के प्रति जागरूकता आ रही है और वे पेड़ लगा भी रहे हैं। आजकल कई लोग जन्मदिन, त्यौहार, विवाह और अन्य शुभ दिनों को पौधारोपण करके भी मनाते हैं। पेड़ जीवनभर हमारे लिए हर प्रकार से लाभकारी और परोपकारी रहते हैं, इसलिए हमारा भी यह कर्तव्य है कि हम अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें और पेड़ों का संरक्षण करें।

निष्कर्ष

पेड़ हमारे जीवन के लिए कितने आवश्यक हैं ये तो हम सभी समझ चुके हैं, परन्तु अब हमें इनके संरक्षण और संवर्धन के बारे में सोचने की जरूरत है। हर किसी को पेड़ जरूर लगाने चाहिए और अपने बच्चों को भी पेड़ लगाने की सीख देनी चाहिए।

यदि किसी व्यक्ति को किसी कारणवश एक पेड़ काटना भी पड़ जाए, तो उसके बदले में उसे 2 पेड़ अतिआवश्यक रूप से लगाने चाहिए। केवल पौधे लगाना ही काफी नहीं है बल्कि पौधों का नियमित विकास हो रहा है या नहीं यह भी सुनिश्चित करना होगा, इसके लिए उनमें रोजाना पानी देना और उनकी सुरक्षा करना जरूरी है।

“सिर्फ पौधे मत लगाओ।

वे रहें जीवित बड़े हों,

इस बात का बीड़ा उठाओ।”


पेड़ (वृक्ष) पर हिंदी निबंध (Trees Essay In Hindi)


वृक्ष हमारे जीवन का हिस्सा हैं, इनसे हमें शुद्ध ऑक्सीजन लेने में सहायता मिलती हैं। वृक्ष हमारे आस पास के क्षेत्र को गर्मी से राहत प्रदान करती है, जिससे हमें गर्मियों में काफी मदद मिलती हैं।

पेड़ का हमारे जिंदगी में बहुत बड़ा महत्व हैं, क्योकि इसके अलावा हमे जीने के लिए शुद्ध ऑक्सीजन कोई नहीं दे सकता हैं। वृक्ष हमारे आस -पास के सभी क्षेत्र को प्रदूषित होने से बचता है।

पेड़ हमारे आस पास के प्रदूषित हवा को अवसोसित करता हैं और उसे फिर शुद्ध करके हमें ऑक्सीजन के रूप में प्रदान करता हैं। इससे हमें कई खतरनाक बीमारियों से भी बचने में मदद मिलती हैं।

हमारे आस -पास वृक्ष होने से हमे ताज़ा -ताज़ा फल भी खाने को मिलते है जो की शुद्ध होते हैं। ताज़ा फल हमारे शरीर को किसी तरह से नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। पेड़ पे हमें अनेक प्रकार के पक्षियों को भी देखने का मौका मिलती हैं।

हमे हमारे आस -पास के सभी नदीओ और नहरों के बाँध पर पेड़ लगे देखने को मिलते हैं। पेड़ की जड़ मिटटी के बहाव को रोकता हैं और पेड़ की जड़ जो मिटटी को पकड़ कर रहता हैं उस मिटटी को पानी बहा नहीं पाता हैं और इससे पेड़ बाँध को और मजबूत बना देता हैं।

हमरे पूर्वजो के जमाने से पेड़ उनकी जिंदगी में बहुत मदद करते आ रहे हैं। जब पेड़ सुख जाते हैं तो उनकी लकड़ीयो से खाना बनाने का काम किया जाता था। पहले के ज़माने में पेड़ो की पत्तिया और टहनियो से घर भी बनाये जाते थे।

पहले तो कुछ लोग सिर्फ पेड़ से फल तोड़ -तोड़ कर खा कर पेट भर लिया करते थे। पेड़ ध्वनि प्रदुषण से भी बचाते हैं, ज्यादा आवाज को आने से पेड़ की पत्तियाँ रोकती हैं।

हमारे बायोलॉजी विषय में पढ़ाया जाता हैं की पेड़ का खाना उसकी पत्तियाँ बनाती हैं। पत्तियाँ सूर्य की किरण से पेड़ के लिए खाना बनाती हैं, इसी लिए छाँव में पेड़ नहीं लगाए जाते हैं। अगर आप इसे देखना चाहते हैं, तो सभी तरफ से घिरे हुए जगह पे एक पेड़ लगाए और एक पेड़ ऐसे जगह लगाए जहा सुर्ज का प्रकाश आता हो।

ऐसा करने से आप देख सकोगे की पेड़ सूर्य के प्रकाश से जल्दी बड़ा होगा और जिसे सूर्य की किरण नहीं मिल रही वो मुर्झा जायेगा।

पेड़ का हमारे जीवन में महत्त्व

पेड़ वातावरण को शुद्ध रखता हैं जिससे हमारा जल, वायु और ध्वनि प्रदूषण से बचाव होता हैं। साथ ही इन प्रदुषण से होने वाले खतरनाक बीमारियो से भी हमे पेड़ बचाते है हमारी रक्षा करते है।

पेड़ से हमें शुद्ध ऑक्सीजन मिलती हैं जिससे हमे साँस लेने के लिए शुद्ध हवा मिलती हैं। शुद्ध हवा हमारे जिंगदी को जीने के लिए सबसे ज्यादा जरुरी हैं, इसके बिना हम जी नहीं सकते हैं।

गर्मी में पेड़ के नजदीक बैठने में हमे कुछ अलग ही सुकून मिलता हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योकि ये हमे ठंडी ठंडी हवा देता हैं। जब कोई किसान गर्मी में मेहनत करके आता हैं, तो वो सबसे पहले पेड़ के पास ही बैठता हैं और आराम करता हैं।

इनसे हमें एकदम ताज़ा फल भी मिलते हैं, जिसका स्वाद कुछ दिन केमिकल में रखे फल से अच्छा होता हैं। ये फल शुद्ध होते हैं और इनको खाने से हमें कोई बीमारियाँ होने का डर भी नहीं रहता हैं।

पेड़ से हमारे आस पास की धरती में गर्मी की मात्रा ज्यादा नहीं होती। पेड़ो से हमे गर्मियों में बहुत राहत मिलती हैं। इसकी सुखी हुई लकड़ी भी हमारे काम में आ जाती हैं। उसे जला कर उससे बहुत लोग अपना भोजन बनाते हैं और सर्दियों में हम इसे जला कर गर्मी भी लेते हैं।

पेड़ की लकड़ी भी हमारे बहुत काम आती हैं, हम इनसे घर के बहुत सारे फर्नीचर और सामान बनाते हैं और इनसे हमारे घर के दरवाजे भी बनाते हैं। पेड़ से हमारे साथ – साथ  जिव – जंतुओ को भी बहुत सारे लाभ मिलते हैं।

जैसे – खाना मिलना आसान होता हैं, तथा जब उनका कोई शिकार करने आता हैं, तो वो उस पेड़ पर चढ़ कर या छुप कर अपनी जान बचाते हैं। वो पेड़ की छाँव में गर्मियों में सहारा लेते है और वर्षा के मौसम में पानी से बचने के लिए भी सहारा लेते हैं।

दोस्तों आज कल हम देखते हैं की बहुत सारे पेड़ो की कटाई होती हैं। उसे हमें रोकना होगा नहीं तो इनसे हमारे और हमारे आने वाले पीढ़ी की जिंदगी में बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ेगा।क्योकि पेड़ हमारे जिंदगी का एक अभिन्न हिस्सा हैं।

जिसके बिना हम जी नहीं सकते हैं। आज कल गाँव और शहरो में  विकाश के नाम पड़ पेड़ को काटा जाता हैं और और पेड़ लगे हुए जमीन को समझते हैं की इस जमीन का कोई उपयोग नहीं हो रहा।

लेकिन शायद वो जमीन हमारे साथ साथ हमारे आस पास के सभी को सबसे ज्यादा लाभ पहुंचाती हैं और इस बात को हमे समझना होगा। हम ये भी देख रहे हैं की हमारे देश में आबादी बढ़ने के कारण सभी लोग पेड़ काट कर अपने रहने के लिए उस जगह पर घर का निर्माण कर रहे है।

इसी लिए हमे अपने आप को बचाने के लिए आबादी का नियंत्रण रखना होगा। हम सब को अपने भारत माता को शुद्ध रखने के लिए अपने आप से वादा करना है की हम पेड़ की रक्षा करेंगे और जितना हो सके उतना पेड़ लगाने की कोशिश करेंगे।

ऐसा करने के लिए आस -पास के लोगो को भी जागरूक करना होगा और पेड़ हमारे जीवन के लिए कितने महत्वपूर्ण है ये समझाना होगा। ऐसा करने से हमे और हमारे देश को भी लाभ हैं।


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तो यह था पेड़ पर निबंध, आशा करता हूं कि पेड़ पर हिंदी में लिखा निबंध (Hindi Essay On Trees) आपको पसंद आया होगा। अगर आपको यह लेख अच्छा लगा है, तो इस लेख को सभी के साथ शेयर करे।

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