स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध (Swacch Bharat Abhiyan Essay In Hindi)

आज के इस लेख में हम स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध (Essay On Swacch Bharat Abhiyan In Hindi) लिखेंगे। स्वच्छ भारत अभियान विषय पर लिखा यह निबंध बच्चो और class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए लिखा गया है।

स्वच्छ भारत अभियान पर लिखा हुआ यह निबंध (Essay On Swacch Bharat Abhiyan In Hindi) आप अपने स्कूल या फिर कॉलेज प्रोजेक्ट के लिए इस्तेमाल कर सकते है। आपको हमारे इस वेबसाइट पर और भी कही विषयो पर हिंदी में निबंध मिलेंगे, जिन्हे आप पढ़ सकते है।

स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध (Swacch Bharat Abhiyan Essay In Hindi)


प्रस्तावना

भारत को सोने की चिड़िया के नाम से जाना जाता है।क्योंकि भारत अपने वैभव संस्कृति के लिए बहुत प्रसिद्ध था। जैसे-जैसे समय में बदलाव होता रहा भारत देश पर दूसरी ताकतों का राज होना शुरू हो गया, इससे धीरे-धीरे भारत खत्म सा होने लगा।

यहां पर स्वच्छता के लिए किसी तरह कि कोई भी कार्यवाही नहीं होती थी। देश के गली, मोहल्ले, शहर सभी गंदे हुआ करते थे, यह एक समस्या बन गई थीं। जिसके कारण कोई भी भारत में आना पसंद नहीं करता था।

भारत में बहुत से लोगों ने इसको स्वच्छ बनाए रखने की कोशिश की परंतु नाकाम रहे। आज भी अगर देखा जाए तो गांव में शौचालय की व्यवस्था नहीं है। आज भी लोग गांव में बाहरी गंदगी करते हैं।

वही दूसरी और देखा जाए तो शहरों में शौचालय तो है, परंतु लोगों ने कूड़ा करकट को सड़कों पर फैला रखा है जिससे पूरा देश गंदा दिखाई देता है।

स्वच्छ भारत अभियान

स्वच्छ भारत अभियान ऐसी योजना है जो भारत सरकार द्वारा चलाई गई है। इस योजना के अंदर भारत देश के देश वासी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अभियान की शुरुआत 1999 में हुई इसका पहले नाम ग्रामीण स्वच्छता अभियान रखा गया था बाद में इसे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 1 अप्रैल 2012 को इस योजना में कुछ बदलाव कर दिए और योजना का नाम निर्मल भारत अभियान रख दिया गया था।

धीरे-धीरे सरकार बदलती गई और 24 सितंबर 2014 को केंद्रीय मंडल द्वारा मंजूरी मिलने पर इसका नाम स्वच्छ भारत अभियान कर दिया गया।

स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत

इस अभियान का नाम स्वच्छ भारत अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रखा गया था और यह अभियान महात्मा गांधी जी के 145 वीं जयंती पर 2014 में रखा गया। इस योजना में गांधी जी द्वारा दिए गए उपदेश और मार्ग पर बहुत से लोगों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।

इस योजना को चलाए रखने का एक और कारण यह था कि गांधीजी का सपना था की भारत देश विदेशी रूप से स्वच्छ और निर्मल हो जाए। इस बात को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री जी ने गाँधी जी के जन्मदिन पर इस अभियान को दिल्ली के राजघाट में सफाई करके शुरू किया।

नरेंद्र मोदी जी ने स्वच्छता के लिए लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए बहुत से इलाकों में खुद सड़कों पर झाड़ू लगाई थी। इसमें से दिल्ली की वाल्मीकि बस्ती एक उदाहरण है। जब प्रधानमंत्री जी ने झाड़ू लगाई तो पूरे देश के लोग प्रेरित होकर सड़क पर उतर आए और सफाई करना शुरू कर दी।

उसके बाद से आसपास के इलाकों में सफाई रखने का कार्यक्रम चालू रहा, आज इसके परिणाम स्वरूप बहुत से इलाकों में स्वच्छता देखने को मिलती है।

अभियान में गांधीजी का महत्व

इस योजना में गांधीजी के सपनों को जोड़ा गया है। गांधीजी हमेशा से चाहते थे कि भारत देश विदेशी हुकूमत से स्वतंत्र हो जाए और एक निर्मल और स्वच्छ भारत बन सके। गांधी जी ने कहा है कि स्वच्छता ही स्वस्थ रहने और शांतिपूर्ण जीवन जीने का एक महत्वपूर्ण भाग है।

स्वतंत्रता के समय से पहले गांधी जी अच्छी तरह से वाकिफ थे कि देश की गरीबी और गंदगी एक बहुत बड़ी समस्या का विषय है। परंतु गांधी जी ने फिर भी देश को स्वच्छ रखने के लिए बहुत प्रयास किए।

उनके साथ बहुत से लोगों ने भी देश को स्वच्छ रखने का भरपूर प्रयास किया परंतु सफल ना हो पाए। आज भी देश आजादी के बाद भी इन दोनों लक्ष्यों से पिछड़ा हुआ है। अगर हम गांव की तरफ देखे तो घरों में आज भी शौचालय नहीं है।

वहीं दूसरी ओर देखा जाए तो शहरों में आज भी बहुत से इलाकों में गंदगी फैली हुई है। आज सरकार ने इसे सफल बनाने के लिए शहरों और गांवों की सफाई के लिए समय निर्धारित किया है।

स्वच्छ भारत अभियान के उद्देश्य

भारत को अच्छा बनाने के लिए भारत में स्वच्छ भारत अभियान चलाया गया। अभियान को चलाने का उद्देश्य कुछ खास है, यह प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 5 साल में देश के बदलाव के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण रहा है।

  • स्वच्छ भारत अभियान का उद्देश्य है कि देश के कोने कोने में साफ-सफाई रहे।
  • स्वच्छ भारत अभियान का उद्देश्य है कि जो लोग खुले में शौच के लिए जाते हैं उन्हें रोकना है, क्योंकि गंदगी के कारण हर साल हजारों बच्चों की मौत हो जाती है।
  • भारत के गांव में और शहरों में हर घर के अंदर शौचालय का निर्माण करवाया जाए।
  • भारत के हर गांव और शहरों की गलियां साफ-सुथरे रखी जाए।
  • इस योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा 11 करोड़ 11 लाख पर्सनल खर्चे और सामूहिक शौचालय के लिए 1,34,000 करोड रुपए का खर्च का बजट निकाला गया।
  • लोगों की सोच में बदलाव लाना जिससे से एक स्वच्छ भारत देश का निर्माण किया जा सके।
  • शौचालय में शौच करने के लिए लोगों को प्रेरित करना।
  • गांव के अंदर जहां आज भी पानी की व्यवस्था नहीं है वहां पर 2019 तक पानी की पाइप लाइन लगवाना।
  • भारत में शहर के अंदर फुटपाथ पर फैली गंदगी, सड़कों पर फैली गंदगी और बस्तियों में फैली गंदगी का निवारण करना।

स्वच्छ भारत की जरूरत

  • स्वच्छ भारत की जरूरत क्यों पड़ी? इसके लिए उसके कारण थे। इस अभियान को चलाने के लिए लोगों ने अपनी महत्व भूमिका निभाई, उन लोगों का एहसास हुआ कि एक स्वच्छ भारत होना जरूरी है।
  • इस योजना को चलाने की जरूरत इसलिए पड़ी, क्योंकि देश में ऐसी कोई जगह नहीं है जहां पर कचरा ना फैला हो। हर गली, गांव, शहर, मोहल्ले में गंदगी भरी पड़ी है।
  • लोगों के घर में शौचालय नहीं थे और लोग खुले में शौच जाते थे, जिसके कारण गंदगी थी और बीमारियां फैलती थी, इसलिए योजना को चलाना जरूरी था।
  • देश की नदी नाले पूरी तरह से गंदे रहते थे, उनके अंदर थैलियां रहते थी और बदबू आती थी। इस समस्या के निवारण के लिए इस योजना का चलाना जरूरी था।
  • देश के गंदे रहने के कारण विदेशी पर्यटक भारत देश में आना पसंद नहीं करते थे, जिसके कारण देश को आर्थिक रूप से नुकसान हो रहा था।
  • देश में फैली गंदगी के कारण जीव जंतुओं को भी नुकसान हो रहा था।
  • सड़कों पर फैली प्लास्टिक की थैलियों और रसायन को गाय द्वारा खाया जाने पर उनकी मृत्यु हो जाती है।
  • गंदगी के कारण पूरे देश में प्रदूषण का माहौल हो गया और जिससे पृथ्वी को भी बहुत नुकसान होने लगा। प्रदूषण को रोकने के लिए इस योजना का चलाना आवश्यकता था।
  • भारत को एक स्वच्छ और हरियाली से भरा हुआ देश बनाना था, इसके लिए इस योजना को चलाना जरूरी था।
  • ग्रामीण इलाकों में सुधार किया जा सके और उनकी गुणवत्ता को बढ़ाया जा सके।

देश में गंदगी का कारण

हमारे देश में गंदगी का प्रमुख कारण लोगों की लापरवाही और उनमें जागरूकता की कमी थी। लोगों को स्वच्छता के बारे में जानकारी नहीं थी जिसके कारण देश धीरे-धीरे गंदा होता गया और बीमारियां फैलती गई इसके अलावा और भी बहुत से कारण है।

  • देश में शिक्षा का अभाव एक सबसे बड़ी समस्या है, जिसके कारण बहुत से परेशानियों का सामना देश को करना पड़ा।
  • देश की गंदगी का सबसे बड़ा कारण लोगों की मानसिकता है, क्योंकि लोगों की मानसिकता में कमी के कारण देश धीरे-धीरे गंदा होता गया और बीमारी फैलती गई।
  • लोगों के घर में शौचालय की व्यवस्था नहीं होने का कारण देश मे गंदगी हुई। लोगों द्वारा खुले में शौच जाने से बहुत से परेशानियों का सामना करना पड़ा और माहौल गंदा होता गया।
  • जनसंख्या वृद्धि भी एक महत्वपूर्ण कारण है, क्योंकि जैसे-जैसे जनसंख्या बढ़ते जा रही हैं, वैसे वैसे लोगों द्वारा गंदगी भी अधिक फैलाई जा रही है।
  • देश में सार्वजनिक शौचालय की कमी के कारण लोग जब बाहर जाते हैं, तो उन्हें शौच करने की व्यवस्था नहीं मिल पाती और वे खुले में शौच के लिए चले जाते हैं और इससे भी देश गंदा होता गया।
  • बड़ी-बड़ी फैक्टरी द्वारा गंदे अवशेषों को नदियों में छोड़ दिया गया, जिसके कारण नदियां प्रदूषित होती गयी और इस कारण देश गंदा होता गया।
  • देश के दूसरे इलाकों में कचरा पात्र नहीं होने के कारण गंदगी सड़कों पर फैली रहती थी।

देश को स्वच्छ बनाने के उपाय

  • भारत को एक हरा भरा और स्वच्छता से भरपूर देश बनाया जा सकता है। इसकी शुरुआत लोगों द्वारा ही की जा सकती है, यदि लोग जागरूक होंगे तो हमारा देश स्वच्छ भारत देश बन जाएगा।
  • देश को स्वच्छ बनाने के लिए देश के हर घर में शौचालय बनवाने जरूरी है।
  • देश के अंदर गांव शहर मे सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण करवाना जरूरी है।
  • देश में लोगों को साफ सफाई और स्वच्छता के बारे में जागरूक होना जरूरी है, इसके लिए लोगों में जागरूकता फैलाना जरूरी है।
  • जगह जगह कचरा पात्रों का रखना जरूरी है।
  • देश में शिक्षा को बढ़ावा देना जरूरी है, जिससे लोग समझ सके कि देश में स्वच्छता कितनी जरूरी है।
  • गांव की गंदी मानसिकता को बदलना जरूरी है ताकि गांव के लोग स्वच्छता के बारे में समझ सके।
  • देश में लोगों को गंदगी के कारण होने वाले नुकसान और उनके परिणामों को बताना जरूरी है, ताकि लोग समझ सके कि इससे देश को कितना नुकसान हो रहा है।
  • देश की जनसंख्या को कम करना जरूरी है।

उपसंहार

भारत का स्वच्छ रहना देश के लिए भी अच्छा है और लोगों के लिए भी अच्छा है। भारत देश हरियाली और स्वच्छता से भरा रहा तो आने वाली पीढ़ी के लिए एक संदेश बन जाएगा।


Short Essay On Swachh Bharat Abhiyan In Hindi


स्वच्छ भारत अभियान हमारे भारत देश में 2 अक्टूबर 2014 को महात्मा गाँधी के 145 वे जन्म दिन के शुभ अवसर पे, हमारे देश के प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने लागु किया था। यह स्वच्छ भारत अभियान गाँधी जयंती के दिन इसलिए सुरु किया गया था, क्योकि महात्मा गाँधी का सपना था की मेरा भारत देश साफ – सुथरा रहे।

साफ सफाई को हमलोग ये समझते हैं की मेरा शरीर और घर साफ हो गया तो अच्छा हैं, लेकिन स्वच्छ भारत अभियान से अपने देश की सफाई का आरम्भ किया गया हैं।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी ने स्वच्छ भारत अभियान में हमारे भारत देश के सभी वर्ग के लोग और सभी जाती -धर्म के लोग को हिस्सा लेने के लिए कहा था। और इस अभियान का हमारे भारत देशवाशियों ने बहुत अच्छे से स्वागत किया।

इतना आसान नहीं था इतने बड़ा आबादी वाले देश को साफ करना, लेकिन हमारे प्रधान मंत्री ने सभी को हौसला दिया और सभी को मिल जुल कर इस अभियान को सफल बनाने का वादा किया।

स्वच्छ भारत अभियान में सभी को हिस्सा लेने के लिए प्रेरणा, नरेंद्र मोदी जी ने दिल्ली के वाल्मीकि बस्ती में खुद से सड़को पर झाड़ू लगा कर की और भारत के लोगो को जागरूक किया।

इस अभियान के लिए भारत देश निवासियों को अपने घर और घर के आस -पास के सभी जगहों को साफ रखने के लिए कहा गया और आस पास के सड़क और गलियों को भी साफ रखने में मदद करने के लिए कहा गया।

नरेंद्र मोदी जी ने इस अभियान के सच होने से महात्मा गाँधी जी का सपना पूरा होगा ऐसा कहा। क्योकि गाँधी जी अपने देश को स्वच्छ बनाना चाहते थे और चाहते थे स्वच्छ भारत होने से हमारे भारत के लोग बीमारीयो से बचे।

और स्वछता ना होने के कारण बहुत से विदेशी इस चीज को घिन मानते थे, और भारत के बारे में कोई बुरा बोले ये  महात्मा गाँधी को थोड़ा भी पसंद नहीं था। इस लिए उनका मानना था की स्वतंत्रता से भी ज्यादा जरुरी हमारे देश के लिए स्वछता है, इससे हमें शांतिपूर्ण माहौल मिलेगा।

और इसी लिए नरेंद्र मोदी जी का भी स्वच्छ भारत अभियान का उद्देश्य हैं की हमारे भारत देश का कोना -कोना साफ हो और हमारे देश में कोई भी आये तो उसे गंदगी नहीं दिखे और भारत के लोग बीमारियों से दूर रहे।

इस अभियान में मुख्यतः लोगो को समझाने की कोशिश कि गयी है की, खुले में शौच करना रोका जाये क्योकि इससे बीमारिया फैलती हैं और जिस वजह से कितने ही लोगो की मौत हुई है। इसी लिए जो जरीब वर्ग के परिवार है उनको सरकार शौचालय बनवाने के लिए कुछ पैसो की मदद कर रही है।

आज कल हम देखते है रेलवे स्टेशन और मुहल्लों में या सड़क के किनारे कचरा डालने के लिए डब्बा रखे होते है। ये सभी स्वच्छ भारत अभियान के तहत किया गया था और हमे इस कचरा डब्बे का उपयोग करना चाहिए।

कोई भी कचरा इधर उधर नहीं फेकना चाहिए इससे हमारा ही नुकसान है। जब सरकार चाहती हैं की हमारा देश स्वच्छ रहे तो हमे भी इस नेक काम में हिस्सा लेना चाहिए और मदद करनी चाहिए। साथ ही में हमे औरो को भी इसका महत्व समझाकर इस अभियान में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।

इस अभियान में हमारे देश के बहुत सारे संस्था खुल कर हिस्सा ले रहे है और वो हमारे देश के ग्रामीण क्षेत्र में इसका प्रचार करते हैं। उन्हें स्वच्छ भारत अभियान के लिए जागरूक करते है, इन संस्था के लोग स्कूल और आंगनवाड़ी और बहुत सारे जगह में जा कर इसके फायदे बताते है और समझाते हैं।

हमारे देश में सभी जगह गांव, शहरो में बहुत ज्यादा मात्रा में इधर -उधर कूड़ा कचरा हिरा होता है। जिससे की गंदे कीटाणु निकलते है और ये हमारे शरीर के लिए हानिकारक होते है। और खुले में शौच करने से हमारा समाज गन्दा होता है, इससे हमारे घरो के बच्चो पे बहुत बुरा प्रभाब पड़ता है।

इस अभियान को समझाने के लिए सभी सस्थाए बहुत सारे आस पास के उदाहारण देकर लोगो को समझाने की कोशिश करते है। जैसे आप अपने आस -पास के नदी या नहर को देख सकते हैं, की उसमे पानी से ज्यादा ऐसा लगता हैं की कूड़ा कचरा का बहाब हो रहा है। इससे नहर नदी का पानी जब कोई पशु -पक्षी पियेगा तो उससे उसकी जान चली जाएगी।

स्वच्छ भारत अभियान से हमें और हमारे देश को बहुत सारा फायदा है। जैसे कूड़ा कचरा इधर उधर फेकने के वजह से हमारे देश की जमीन बंजर परते चले जायेंगी और हमारे पास खेती करने के लिए भूमि की कमी होने लगेगी।

जिस कारण हमे आगे चलकर परेशानियों का सामना करना पड़ेगा और खेती नहीं होने से भारत में हरियाली की कमी हो जाएगी। इससे हम शुद्ध हवा नहीं ले पाएंगे और इससे हमारे शरीर पर बुरा प्रभाब पड़ेगा और अनेक बीमारीयो का सामना भी करना पड़ेगा।

देश अस्वच्छ होने के बहुत सारे कारण है, हमारे पूर्वजो को शिक्षा का अभाब था इससे उन्हें शिक्षा की कमी हो गई और वे साफ सफाई में अपना समय ख़राब नहीं करना चाहते थे। उन्हें लगता था की साफ सफाई करने से हमारा समय बर्बाद होता हैं और उनके पास उस समय में घर में शौचालय नहीं होते थे।

इसी लिए उन्हें बहार शौच के लिए जाना परता था। पहले कचरे को एक जगह जमा करने की सुविधा भी नहीं थी। इससे लोग कचरे को इधर उधर फेक दिया करते थे और इससे हमारे देश में अस्वछता बढ़ती गयी।

ये सब को ठीक करने के लिए हमारे देश के प्रधान मंत्री जी ने स्वच्छ भारत अभियान शुरू किया है। इस अभियान में हमारे सभी देश वाशियो को खुल कर भाग लेना चाहिए और हमें स्वछता के लिए जागरूकता फैलानी चाहिए। अगर आप किसी को देखते है जो कही भी इधर उधर कचरा फेक रहा है, तो आपको उसे समझाना चाहिए।

देश को साफ रखने की शुरुवात हमे सबसे पहले खुदके घर से और अपने घर के आजु बाजु के परिसर को साफ़ रहने से करनी होगी। अगर हर कोई अपने घर के आस पास साफ़ सफाई रखेगा तो हमारा प्यारा भारत देश अपने आप ही स्वच्छ हो जायेगा।


तो यह था स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध, आशा करता हूं कि स्वच्छ भारत अभियान विषय पर हिंदी में लिखा निबंध (Hindi Essay On Swacch Bharat Abhiyan) आपको पसंद आया होगा। अगर आपको यह लेख अच्छा लगा है, तो इस लेख को सभी के साथ शेयर करे।

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