बारिश के दिन पर निबंध (Rainy Day Essay In Hindi)

आज हम बारिश के दिन पर निबंध (Essay On Rainy Day In Hindi) लिखेंगे। बारिश के दिन पर लिखा यह निबंध बच्चो (kids) और class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए लिखा गया है।

बारिश के दिन पर लिखा हुआ यह निबंध (Essay On Rainy Day In Hindi) आप अपने स्कूल या फिर कॉलेज प्रोजेक्ट के लिए इस्तेमाल कर सकते है। आपको हमारे इस वेबसाइट पर और भी कही विषयो पर हिंदी में निबंध मिलेंगे, जिन्हे आप पढ़ सकते है।


बारिश के दिन पर निबंध (Rainy Day Essay In Hindi)


प्रस्तावना

हमारे जीवन मे हम कई मौसम को आते – जाते देखते है। कुछ मौसम हमें भाते है, तो कुछ मौसम हमे नहीँ लुभाते। पर इससे कोई फर्क नही पड़ता है। हर एक मौसम हमारे लिए जरूरी है। वैसे ही बारिश के दिन भी हमारे लिए बहुत जरूरी है।

इसका फर्क हमारी जरूरत को दर्शाता है ओर वो इसलिए भी की जिस प्रकार आक्सीजन के बिना हम जी नहीँ सकते, खाना खाएं बिना हमारे दिन की शुरुआत नहीँ होती, उसी प्रकार पानी के बिना तो हम जीवन को जीते हुए देख भी नहीं सकते।

पानी हमारे लिए अत्यंत जरूरी है। बारिश ना केवल हमे पानी पीने के लिए देती है, बल्कि यह जीवन को जीने का सबसे महत्वपूर्ण तत्व है।

बारिश के सुहावने दिन

बारिश के दिन बहुत ही लुभावने ओर सुहाने लगते है। पृथ्वी की वार्षिक गति के कारण ऋतुएं होती है और इन ऋतुओं में बारिश के दिन जीवनदायिनी होते है। परंतु इस बारिश के दिनों के दो पहलू होते है।

कुछ लोगो को ये मौसम अति प्रिय होता है। तो कुछ लोगो को ये बारिश के दिन बिल्कुल नही भाते ओर वो इसलिए क्योंकि उन्हें कीचड़ ओर हर जगह गिला ओर नमी पसंद नहीं होता है।

फिर भी बारिश के दिनों की बात अन्य मौसम की अपेक्षा बहुत ही अच्छी और मस्तीभरी होती है। इन दिनों में बच्चे भी बारिश में भीगे बगैर नहीँ मानते, उन्हें बारिश में भीगना ओर खेलना बहुत ही लुभाता है। यहां तक कि कुछ गेम्स तो बारिश में ही खेलने में मज़ा आता है। जैसे फुटबॉल जैसे गेम्स तो जैसे बारिश के दिनों के लिए ही बने है।

बारीश के दिनों का आगमन

बारिश के दिनों का आगमन होते ही इसका प्रभाव देखने को मिलता है और इसका महत्व सभी ऋतुओं से बढ़ कर होता है। हर जगह हरियाली की सुंदरता देखते ही बनती है। प्रकृति जैसे नृत्य कर रही हो, बारिश की एक- एक बूंद पायल की तरह छम-छम होकर गिरती है।

जैसे कोई नृत्यांगना बहुत ही सुंदर सा नृत्य कर रही हो। बारिश के दिनों में मन के साथ देह भी प्रफुल्लित ओर रोमांचित हो उठता है। बारिश के दिनों में भांति – भांति के फूल और कलिया खिलने के आगमन में रहती है।

बारिश के दिनों में वातावरण सुहावना ओर मन मोहक हो जाता है। नदियों में तलाबों में अपार जल भर जाता है। कभी- कभी तो बारिश के दिनों में इतना पानी हर जगह हो जाता है कि बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

बारिश के दिनों में इतना पानी हो जाता है कि पूंछो नहीँ ओर फिर इतना सारा पानी समुद्र की गोद मे चला जाता है। पेड़ पौधे नए – नए पत्तो से ढक जाते है। इनमें नए- नए फूल और फल आने लगते है।

फुलों के लोभी भोरौ का दल इन पर मंडराने लगता है और फलों के लिए आतुर पक्षिगण इन पर अपना बसेरा करने लगते हैं। बारिश के दिनों में वन – उपवन ओर कुंजों की छटा निराली हो जाती है। रंग बिरंगे फूलों का आकर्षण देखते ही बनता है।

चारों ओर सुगन्धयुक्त वायु का झोंका हमारे भावों को एक ऐसा मीठा अनुभव देने लगता है कि हम गुनगुनाने लगते है। धरती का आँचल बीजो के अंकुरों से सजने लगता है। पतले – बढ़ते ये अंकुर बादलों के कभी मन्द ओर कभी तीव्र पानी के प्रहार के साथ- साथ कड़कड़ाहट ओर गड़गड़ाहट की डांट फटकार को भी डरते काँपते सहते रहते हैं।

ऐसे होते है ये बारिश के दीन। दिन में तो कम रात के समय आकाश से चमकती हुई विधुत की ज्योति धरती पर आती हुई न जाने किधर छिप जाती है, जिसे देखने के लिए बार – बार मन उत्सुक हो जाता है।

किसानों के लिए बारिश के दिन का महत्व

हमारे देश भारत मे किसान अभी भी बहुत अधिक बारिश के दिनों पर निर्भर हैं। अगर बारिश अच्छी होती है तो पूरे देश के किसान बहुत खुश हो जाते है। अगर बारिश में थोड़ी भी कमी हो जाती है तो उसका प्रभाव खेती पर अवश्य पड़ता है और परिणाम होता है कि किसानों के अनुसार उपज उन्हें नहीँ मिलती है।

यही कारण है कि पूरे देश के लिए बारिश के दिनों का अत्याधिक महत्व है। और ये होना स्वाभाविक भी है। हमारे देश भारत मे लगभग 70 प्रतिशत लोग कृषि पर निर्भर है। 43 प्रतिशत क्षेत्र कृषि के लिए उपयोग किया जाता है और उस 43 प्रतिशत क्षेत्र पर किसान अनाज को बोता है।

फिर सबसे महत्वपूर्ण होता है खेती के लिए पानी, इसलिए किसान के लिए पानी और बारिश के दिन सबसे ज्यादा महत्व रखते है। आखिर इसी खेती के बल पर तो उसका घर चलता है।और केवल उसका ही नहीं सभी का घर अनाज से ही चलता है, इसलिए बारिश के दिन सभी के लिए महत्वपूर्ण है।

किसान बारिश के मौसम का इंतजार दिन रात करता है और इस बारिश के दिनों की चर्चा करता है। समाचार पत्र, रेडियो, टीवी सब जगह बस बारिश के दिनों की आस में ही किसान का वक़्त बीत जाता है।

कही बारिश कम तो कही ज्यादा होती है। जिसका प्रभाव किसान, व्यापारी, वाहक, संसाधन में लगे लोग, निर्यातक सभी पर देखने मिलता है। इसलिए इन सब के लिए बारिश के दिन अत्याधिक महत्व रखते है ओर महत्व रखे भी तो क्यों नही। जीवन यापन का साधन बारिश के दिन ही तो है।

बारिश के एक दिन का किस्सा

बारिश के मोसम का समय था। में एक दिन सुबह सो कर उठा, तो मैने देखा बहार खिड़की से तो सूर्य देवता केवल कुछ समय के लिए ही प्रकट हुए थे ओर फिर बादलो की आड़ में ना जाने कहा छुप गए।

उस समय काले -काले बादल घिर आये थे। इससे पहले की बारिश होती, मैंने छाता उठाया और स्कूल के लिए निकल गया। क्योंकि स्कूल भी मेरे घर से कोई ज्यादा दूर नहीं था। स्कूल में अभी प्रार्थना खत्म ही होने वाली थी कि हल्के – हल्के छीटे मेरे चहरे पर पड़ने लगे थे।

क्योंकि हमारी स्कूल की प्रार्थना स्कूल के ग्राउंड में होती थी, हमे जल्दी – जल्दी हमारी क्लास में भेज दिया गया। जब बारिश कम ही हो रही थी तब एक-दो पीरियड ऐसे ही निकल गए।पर जैसे जैसे समय बीतता गया, बारिश भी बढ़ने लगी।

तब हमारी प्रिंसीपल ने एलाउंस करवाया की सभी बच्चे स्कूल के ग्राउंड में आ जाये और हम सब ने अपना अपना बैग उठाया और मैदान में चले गए। ग्राउंड में प्रिंसिपल मेडम ने कहा आज बारिश की बजह से आप सब की छुटी करि जाती है।

आप सभी बच्चे जल्दी जल्दी अपने घर चले जाएं। में भी जल्दी से गेट के बहार निकल गया, पर ये क्या बारिश तो बहुत तेजी से बरसने लगी और सड़क पर देखते देखते ही पानी भर गया ओर में छाता होने के बावजूद भीग गया था।

ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि हम बच्चे पानी मे बहुत कूद रहे थे, मस्ती कर रहे थे। जब तक मैं घर पहुंचा मैं बहुत भीग गया था और कांपने भी लगा था। तब मेरी मम्मी ने मुझे जल्दी जल्दी दूसरे कपड़े दिए।

मेने अपने कपड़े बदले और इतने में मेरे पापा भी जल्द ही घर आ गए थे। मेरे पापा को इस मौसम में चाय ओर भजिये खाना बहुत पसंद है। मेरी मम्मी ने हम सब के लिए चाय ओर भजिये बनाये, जिसको खा कर मज़े आ गए।

हमारे स्कूल ने पांच दिन का अवकाश घोषित कर दिया था। बारिश के कारण मेरी तो समझो लॉटरी ही निकल गयीं। इसलिए मुझे अन्य मौसम की अपेक्षा बारिश का मौसम बहुत भाता है।

बारिश के दिन के फ़ायदे

बारिश के दिनों को हर मौसम की अपेक्षा बहुत अच्छा ही माना जाता है। इन दिनों का सार ही खुशी मनाने का दिन होता है। चारो ओर खुशियां ही खुशियां फेल जाती है। सभी का अपना अपना अंदाज होता है, इस मौसम को एक त्योहार की तरह मनाने का।

लोग इन दिनों का पूरे वर्ष प्रतीक्षा करते है और इसके आते ही लोग प्रसन्न हो जाते है। भगवान इंद्र को बारिश का देवता मानते है और लोग बारिश के दिनों में इनको मनाने के लिए कई प्रकार की पूजा अर्चना के साथ ही हवन करवाते है।

जब बारिश हो जाती है और बारिश की बूंदे जब धरती माँ पर पड़ जाती है, तो इंद्र देवता को इसके लिए धन्यवाद के तौर पर भी हवन आदि करवाया जाता है।

(1) हम मनुष्य के अलावा पेड़- पौधे के लिए बारिश अत्याधिक जरूरी है।

(2) बारिश के दिनों की आवश्यकता किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। वो इन दिनों अपनी खेती के लिए, अनाज के लिए बेसब्री से इंतजार करते है।

(3) बारिश के दिनों का इंतजार छोटे -बड़े सभी उम्र के लोग करते है।

(4) बारिश के दिनों से ही जीवन की गाड़ी आगे बढ़ती है।

(5) बारिश के दिनों में लोग परिवार के साथ मिलकर घरों में भजिये ओर पकोड़ो का मज़ा लेते है। बारिश के ये दिन परिवारों में दूरियां कम करने का काम भी करती है।

(6) बारिश के दिनों के इस जल को विभिन्न उद्देश्यों की पूर्ति के लिए एकत्र करके रखा जाता है। ताकि पानी कि जब समस्या आये तो इसका उपयोग कर सके।

उपसंहार

बारिश के दिनों की सभी के पास कोई ना कोई कहानी होती है। चाहे छोटा हो या बड़ा आखिर इन सुहावने दिन की यादों को कोई भुलाना भी नहीं चाहता। वो दिन चाहे स्कूल के हो, दोस्तों के साथ खड़े हो कर चाय पीने या भुट्टो की पार्टी करने के हो, सब हमें हमारे कॉलेज के दिनों की याद में ले जाते है।

सच मे बारिश के दिन परिवार में भी दूरियां कम करते है। जँहा फसलों के लिए इनकी बूंदे अत्यंत जरूरी है, वही बारिश एक मीठी शाम चाय के साथ रिश्तों को मजबूत बनाती है। तो आखिर इन बारिश के दिनों का इंतजार कोन नहीँ करेगा।


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