पुलिस पर निबंध (Police Essay In Hindi)

आज के इस लेख में हम पुलिस पर निबंध (Essay On Police In Hindi) लिखेंगे। पुलिस पर लिखा यह निबंध बच्चो (kids) और class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए लिखा गया है।

पुलिस पर लिखा हुआ यह निबंध (Essay On Police In Hindi) आप अपने स्कूल या फिर कॉलेज प्रोजेक्ट के लिए इस्तेमाल कर सकते है। आपको हमारे इस वेबसाइट पर और भी कही विषयो पर हिंदी में निबंध मिलेंगे, जिन्हे आप पढ़ सकते है।


पुलिस पर निबंध (Police Essay In Hindi)


पुलिस समाज का रक्षक होता है। कानून की रक्षा करना और लोगो से कानून का पालन करवाना पुलिस का कर्त्तव्य होता है। समाज में बढ़ रहे अपराधों पर अंकुश लगाना पुलिस का धर्म होता है। राजनेताओ की सुरक्षा करना, रास्ते पर लड़को के छेड़खानी को रोकना, जुलूसों का तरीके से ध्यान रखना, देश की संपत्ति को किसी भी तरह के नुकसान से बचाना पुलिस का काम है।

समाज में अक्सर बेरोजगारी के कारण चोरी और डैकेती होती है। पुलिस ऐसे चोरो को पकड़कर उनको जेल की हवा खिलाती है। आजकल समाज में गुंडागर्दी, भ्र्ष्टाचार और बलात्कार जैसे अपराध बढ़ रहे है। पुलिस को और अधिक सतर्क होने की ज़रूरत है।

समाज में बढ़ते हुए अन्याय को रोकना पुलिस का दायित्व है। पुलिस की ड्यूटी चौब्बिसो घंटे होती है, उन्हें हमेशा सक्रीय रहना पड़ता है। कभी कभी आक्रामक धरनो में लोग पथराव करने पर उतर आते है। ऐसे में पुलिस भीड़ में इन पथराव को रोकते है और सुनिश्चित करते है की किसी को चोट ना लगे।

ऐसे गंभीर स्थिति में उन्हें घायल भी होना पड़ता है। चाहे कोई भी त्यौहार हो पुलिस को हमेशा अपनी ड्यूटी करनी पड़ती है। भारत में कई बार एक संगठन दूसरे का धर्म, जाति के आधार पर शोषण और दुर्व्यवहार करते है। देश का कानून जो भी व्यक्ति तोड़ता है, पुलिस उसे गिरफ्तार कर लेती है।

समाज में आजकल लोग पैसो के लिए अपनों का भी कतल कर देते है, यह एक निंदनीय अपराध है। पुलिस ऐसे दोषियों और शोषकों को पकड़कर सजा दिलवाती है। पुलिस को समाज के लोगो के अधिकारों के प्रति अधिक जागरूक होने की ज़रूरत है। पुलिस का कर्त्तव्य है कि वह हर नागरिक की मदद करे और उनपर जो भी अत्याचार हुए है, उनकी रिपोर्ट दर्ज करे।

पुलिस कानून की रक्षा के लिए होते है। समाज पुलिस के बिना सुरक्षित नहीं रह सकता है। पुलिस का गठन, नागरिको के रक्षा और नियमो का पालन करवाने की दृष्टि से किया गया है। कभी किसी स्थल पर अचानक आग लग जाए और लोग उस आग में फंस जाए। तो पुलिस वहां जाकर लोगो की जान बचाती है।

जो लोग ऐसे हादसों में घायल हो जाते है, पुलिस उन लोगो को चिकित्सा केंद्र पहुंचाती है। पुलिस का कार्य गर्व भरा होता है। पुलिस सम्पूर्ण ईमानदारी के संग पंचायत और राष्ट्रिय चुनाव करवाती है। उन्हें ऐसे कार्य करने चाहिए जिससे लोगो का भरोसा उन पर बना रहे।

जब देश में सभी राज्यों में चुनाव होते है, तो पुलिस प्रशासन चुनाव के सुरक्षा की जिम्मेदारी को सठिक तरीके से निभाती है। पुलिस की वर्दी से मुजरिम घबराते है। पुलिस अपराधियों को पकड़कर न्यायलय में पेश करती है। पुलिस को जैसे ही अपराधी दिखते है, वह अपनी जान छुड़वाने के लिए भागते रहते है।

यदि पुलिस समाज की रक्षा ना करती, तो अपराधों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती रहती। समाज में तब कुछ लोग कानून को हाथों में लेकर किसी की भी हत्या कर देते और किसी के भी घर चोरी इत्यादि करते हुए पाए जाते। पुलिस का भय उन्हें इन अपराधों को करने से रोकता है। संविधान में कानून और नियम लोगो की सुरक्षा के लिए बनाये गए है।

लोग अगर आज सुरक्षित है तो उसका श्रेय पुलिस को जाता है। पुलिस अनगिनत सर्च ऑपरेशन में हिस्सा लेते है। ऐसे ऑपरेशन जोखिम भरे होते है। पुलिस ऐसे मिशन को पूरा करने के लिए जान की बाज़ी लगा देते है। कई बार उन्हें चोट भी आती है। अगर अचानक कोई ज़रूरी काम आ गया, तो पुलिस दो या तीन दिनों तक अपने घर नहीं जा पाते है।

वह जब तक ज़रूरी केस को सुलझाते नहीं है, वह तब तक अपनी ड्यूटी करते है। जब कभी भी सड़क दुर्घटना होती है, तो लोग 100 नंबर डायल करके पुलिस को उस स्थान पर बुलाते है। सड़क दुर्घटना में घायल  व्यक्ति को पुलिस तुरंत अस्पताल ले जाती है।

पुलिस हमेशा कोशिश करती है कि सही वक़्त में व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाएं, ताकि उसकी जान ना चली जाए। अगर किसी भी व्यक्ति के साथ कानूनन गलत होता है तो वह पुलिस स्टेशन में जाकर रिपोर्ट दर्ज करवाते है। पुलिस मुजरिम पर कानूनी कार्यवाही करवाती है। आजकल कई जगहों पर कुछ पुलिस कानून के भक्षक बन गए है।

कुछ पुलिस पैसे कमाने के लिए रिश्वत लेते है और अपराधियों का साथ देते है। ऐसे भ्र्ष्ट पुलिस वालों की वजह से समस्त पुलिस प्रशासन का नाम खराब होता है। आजकल लोगो का पुलिस पर से विश्वास उठता चला जा रहा है। लोगो का कानून और पुलिस प्रशासन पर विश्वास बना रहे, यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी पुलिस वालों की है।

सड़क में अक्सर ट्रैफिक जाम होते रहते है। सड़क पर गाड़ियां नियमो का पालन करके चले, यह ट्रैफिक पुलिस सुनिश्चित करता है। वह इशारो के माध्यम से गाड़ियों को दाएं बाएं, नियमो के अनुसार चलने के लिए कहता है। इसी कारण हम समय पर और सुरक्षित तरीके से अपने गंतव्य स्थान तक पहुँच पाते है।

सड़क पर हेलमेट पहनकर बाइक चलाना अनिवार्य होता है। अगर कोई भी व्यक्ति हेलमेट ना पहने तो उसे जुर्माना भरना पड़ता है। ट्रैफिक पुलिस हमेशा यह कोशिश करता है कि सड़क पर ट्रैफिक जाम ना लगे। ट्रैफिक पुलिस द्वारा दोनों तरफ से आने वाले गाड़ियों को ट्रैफिक सिग्नल के निर्देश के मुताबिक छोड़ा जाता है।

इससे किसी भी प्रकार की दुर्घटना नहीं होती। ट्रैफिक पुलिस सभी वाहनों की सुचारु रूप से जांच करती है। अगर कोई भी वाहन चोरी की होती है, तो उस पर कार्यवाही की जाती है। यदि कोई भी व्यक्ति ट्रैफिक नियमो का ठीक से पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ ट्रैफिक पुलिस द्वारा कानूनन कार्यवाही की जाती है।

ट्रैफिक पुलिस सड़क परिवहन का संचालन अच्छे से करती है। राज्यों में कई जगहों पर लूट, चोरी होती रहती है। कई लोगो को बंधक बनाकर चोर सभी चीज़ें लूट कर ले जाते है। घर का जब सारा कीमती और महंगा सामान चोरी हो जाता है, तब आम आदमी को पुलिस के पास रिपोर्ट दर्ज करवानी होती है।

पुलिस चोर को पकड़ती है और लोगो का सामान वापस मिल जाता है। जब कहीं बड़े स्थानों पर मेला लगता है, तब वहां लाखो की संख्या में भीड़ इक्कट्ठी हो जाती है। ऐसे में स्थानीय पुलिस को वहां पर निगरानी करनी पड़ती है। इतने भीड़ में चोरी होना आम बात है, इसलिए पुलिस ऐसे स्थानों में सुरक्षा प्रदान करती है।

कई बार वेतन बढ़ाने के लिए मज़दूर हड़ताल पर बैठते है। तब लोग कभी कभार आक्रोश में आकर कुछ ऐसा कर देते है, जिससे औरों को तकलीफ हो सकती है। पुलिस ऐसे माहौल को अपने नियंत्रण में रखती है। अगर कोई भी नियमो का उल्लंघन करता है, तो पुलिस उसे हवालात में डाल देती है।

समाज में कई दफा जुलुस निकलता है, वहां कभी भी किसी को भी चोट लग सकती है, धक्का धक्की हो सकती है। इससे लोगो में लड़ाई और मत भेद जैसे हालत पैदा हो जाते है। ऐसे में पुलिस लोगो की सुरक्षा करती है। आम आदमी की सेवा और सुरक्षा करना पुलिस की जिम्मेदारी है।

पुलिस कई जगहों पर बड़े बड़े व्यवसायियों और बड़े नेताओ के सुरक्षा में तैनात रहती है। आम आदमी को कभी कभी पुलिस की सुरक्षा की ज़्यादा ज़रूरत होती है, लेकिन वह सिर्फ अमीर लोगो को सुरक्षा देती हुयी नज़र आती है। देश में व्यापत भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाना पुलिस का दायित्व है। लेकिन कुछ पुलिस वाले खुद ऐसे कामो में लिप्त नज़र आते है, जिसके कारण पुलिस वालों का नाम बदनाम होता है। ऐसे भ्रष्ट पुलिस वालों को उचित सजा मिलनी चाहिए।

पुलिस राजनेताओ को सुरक्षा प्रदान करती है जब वे चुनाव के लिए जाते है। जहाँ नेता बड़े जिलों में अपने चुनाव प्रचार के लिए लोगो से वोट मांगने के लिए के जाते है, तब पुलिस नेताओ को हर मुमकिन सुरक्षा व्यवस्था प्रदान करती है। अब वक़्त आ गया है कि पुलिस देश में निरंतर बढ़ती हुयी अराजकता, हिंसा, स्मगलिंग जैसे अपराधों पर रोक लगाए।

सरकार द्वारा पुलिस को सारे अधिकार दिए जाने चाहिए, जो जनता के हित में हो। पुलिस हर मामले में जनता का सहयोग करे वरना इसके विपरीत जनता आंदोलन कर सकती है।जनता अपने ऊपर हो रहे अत्याचारों को शान्ति से सहन नहीं करेगी। जनता में वह ताकत है कि वह पुलिस और सरकार के विरुद्ध विद्रोह करे।

ऐसे जन शक्ति को रोक पाना असंभव हो जाएगा। ऐसी स्थिति उतपन्न ना हो, इसकी जिम्मेदारी पुलिस वालों की बनती है। पुलिस की वर्दी में बेहद शक्ति होती है और उस वर्दी की लाज बनाये रखना पुलिस वालों का कर्त्तव्य है।

निष्कर्ष

जैसे सीमा पर तैनात फ़ौज हमेशा हमारी सुरक्षा करती है, उसी प्रकार समाज की आंतरिक सुरक्षा का काम पुलिस करती है। पुलिस का कार्य जिम्मेदारी से भरा हुआ होता है। एक भी चूक भारी पड़ सकती है। समाज में नियमित रूप से कानून बनाये रखना पुलिस का परम कर्त्तव्य है।

अगर पुलिस अपना काम सठिक करेगी, तो समाज अपराध मुक्त हो पायेगा। जो पुलिस अधिकारी जीवन पर्यन्त कर्त्तव्य का पालन करते है, राष्ट्रपति जी उन्हें भरी सभा में सम्मानित करते है। यह पुलिसवालों के लिए गौरव की बात है।

लोगो का उन पर विश्वास बना रहे और पुलिस सच्चाई और ईमानदारी के साथ अपने कर्त्तव्य का पालन करे तो एक शांतिपूर्ण, अपराधमुक्त और भयमुक्त समाज का गठन किया जा सकता है।


तो यह था पुलिस पर निबंध, आशा करता हूं कि पुलिस पर हिंदी में लिखा निबंध (Hindi Essay On Police) आपको पसंद आया होगा। अगर आपको यह लेख अच्छा लगा है, तो इस लेख को सभी के साथ शेयर करे।

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