समाचार पत्र पर निबंध (Newspaper Essay In Hindi)

आज के इस लेख में हम समाचार पत्र पर निबंध (Essay On Newspaper In Hindi) लिखेंगे। समाचार पत्र पर लिखा यह निबंध बच्चो (kids) और class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए लिखा गया है।

समाचार पत्र पर लिखा हुआ यह निबंध (Essay On Newspaper In Hindi) आप अपने स्कूल या फिर कॉलेज प्रोजेक्ट के लिए इस्तेमाल कर सकते है। आपको हमारे इस वेबसाइट पर और भी कही विषयो पर हिंदी में निबंध मिलेंगे, जिन्हे आप पढ़ सकते है।


समाचार पत्र पर निबंध (Newspaper Essay In Hindi)


प्रस्तावना

हमारे जीवन में समाचार पत्र की उपयोगिता को नकारा नहीं जा सकता है, क्योंकि हम सभी इस पूरी पृथ्वी पर किसी ना किसी रूप से एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। दुनिया में जो भी कुछ होता है उससे भविष्य में हम या हमारा परिवार भी प्रभावित हो सकता है और ये बात बिल्कुल सही है।

हम सभी एक समाज में रहते हैं और समाज से देश बनता है, इसी प्रकार से कई देश मिलकर विश्व का निर्माण करते हैं। अतः हम सभी को इस विश्व के बारे में और एक दूसरे के बारे में जानकारी होना जरूरी है और सिर्फ सामाजिक जीवन ही नहीं बल्कि हम लोग आर्थिक और राजनीतिक रूप से भी देश विदेश तथा इस पूरी दुनिया से जुड़ाव रखते हैं।

अतः न्यूज पेपर यानी समाचार पत्र हम तक इस दुनिया की हर छोटी बड़ी खबर को पहुंचाते रहते हैं। आज हम आपको समाचार पत्रों के बारे में विस्तार से बताएंगे और इनकी कई रोचक जानकारियां भी आपको देंगे।

समाचार पत्र कागज पर छापे गए लेख होते हैं, इन लेखों में पूरे देश और दुनिया से सम्बन्धित विषयों पर खबरें होती हैं। इनमें मुख्य रूप से समसामयिक घटनाओं का विवरण होता है अथवा राजनीति से जुड़ी, खेलों और उद्योग से जुड़ी खबरें तथा विज्ञापनों को कम मूल्य के कागजों पर प्रकाशित किया जाता है।

ये संचार का महत्वपूर्ण साधन होते हैं। विकिपीडिया नामक वेबसाइट में बताया गया है कि भारत में ही सबसे अधिक न्यूज पेपर पढ़े और छापे जाते हैं। यहां रोजाना करीब के 78.8 मिलियन अखबारें बेची जाती हैं। समाचार पत्रों से कई लोगों को रोजगार मिलता है।

समाचार पत्रों के प्रकार

सभी न्यूज एजेंसियां अपनी अपनी सुविधानुसार समाचार पत्र का प्रकाशन करती हैं, परन्तु मुख्य रूप से ये दैनिक यानी रोजाना ही प्रकाशित होता है और पढ़ा भी जाता है।

  1.  दैनिक – ये रोजाना नियमित रूप से प्रकाशित किया जाता है। अधिकतर सभी लोग रोज की ताज़ा खबरें पढ़ना पसंद करते हैं, इसलिए ये काफी प्रचलित है।
  2.  साप्ताहिक – ये हफ्ते में एक बार प्रकाशित होता है और मुख्य खबरें तथा जानकारियां छापी जाती हैं।
  3.  अर्धमासिक/ पाक्षिक – ये 15 दिन में एक बार छापा जाता है।
  4.  मासिक – इस प्रकार का अख़बार एक महीने में एक बार प्रकाशित होता है।
  5.  अर्धवार्षिक/ छह मासिक – यह 6 महीने में प्रकाशित किया जाता है।
  6.  वार्षिक – यह न्यूज पेपर एक वर्ष में एक बार छपता है और इसमें पूरे वर्ष की मुख्य खबरें, घटनाएं और विज्ञापन इत्यादि का प्रकाशन किया जाता है।

ई पेपर

समाचार पत्र पढ़ना सबको पसंद होता है, हर कोई व्यक्ति अपनी मर्जी के अनुसार खबरें पढ़ता है। लेकिन कई बार समय ना होने की वजह से हम न्यूज पेपर नहीं पढ़ पाते हैं, इसलिए आजकल ज्यादातर न्यूज एजेंसियां ई न्यूज उपलब्ध करवा रही हैं।

जिसमें आप जहां कहीं पर भी हों वहां अपनी सुविधानुसार मोबाइल अथवा कंप्यूटर में ऑनलाइन अख़बार पढ़ सकते हैं। आज के इस इंटरनेट युग में सूचना प्रौद्योगिकी की सहायता से ई न्यूज पेपर ही ज्यादा पढ़े जा रहे हैं, बजाय प्रकाशित अखबारों के।

क्योंकि इससे सबको ये लाभ मिलता है कि सभी लोग अपने मोबाइल फोन में, कंप्यूटर या लैपटॉप में या टेबलेट में कहीं भी उसी दिन का समाचार पत्र को फ्री ही पढ़ सकते हैं।

समाचार पत्र की शुरुआत और इतिहास

बहुत पुराने जमाने में समाचार पत्रों की जब शुरुआत नहीं हुई थी, तब राजा महाराजा और दूसरे लोग किसी व्यक्ति के द्वारा या फिर कबूतर आदि के साथ मुख्य खबरें और जानकारियां भेजा करते थे, तथा एक दूसरे का हाल जाना करते थे।

सर्वप्रथम 59 ई.पू. में बना अख़बार ‘द रोमन एक्टा डिउरना’ है। इसे जूलिएस सीसर द्वारा आम जनता को राजनीति और समाज में हो रही आवश्यक घटनाओं के बारे में जानकारी देने के लिए कई शहरों के मुख्य स्थलों पर भेजा गया था। 8 वीं शताब्दी के अंदर चीन देश द्वारा हाथों से लिखे हुए समाचारपत्र भेजने का चलन शुरू हुआ था।

विभिन्न सूचनाएं भेजने और प्राप्त करने के लिए समाचार पत्र की शुरुआत 16 वीं शताब्दी में इटली के बेसिन नगर में हुई थी। तत्पश्चात इसका विकास निरंतर जारी रहा। फिर जैसे जैसे सभी ने इनको पढ़ना चालू किया, उन्हें इनकी विशेषताएं और उपयोग पता चले। इस प्रकार से सभी देशों में समाचार पत्र छापे जाने लगे।

जब 17 वीं शताब्दी की शुरुआत थी, तब इंग्लैंड में न्यूज पेपर का प्रयोग किया जाने लगा और फिर तो इनका तेजी से विकास हुआ। सब लोगों को इसे पढ़ना पसंद आया करता था और समाचार पत्र सब जगह पर प्रसिद्ध हो गए।

भारत देश एक गरीब और गुलाम देश था, इसलिए यहां पर समाचार पत्र आने में वक्त लगा। लेकिन 18वीं शताब्दी में अंग्रेजों द्वारा भारतवर्ष में भी इसका पर्दापर्ण कर दिया गया, क्योंकि भारत जैसे देश में सूचनाएं पहुंचाने के लिए अंग्रेजों के पास कोई साधन नहीं था।

भारत में समाचार पत्र की प्रसिद्धि को जब ईसाई पादरियों ने देखा, तो उन्होंने अपने धर्म का प्रचार करने हेतु और फिर इसे देखकर ब्रह्म समाज की स्थापना करने के कारण राजा राममोहन राय ने एक समाचार पत्र का प्रकाशन संपादन किया।

इसके बाद ईश्वर चंद्र विद्यासागर द्वारा एक समाचार पत्र का प्रकाशन हुआ, जिसका नाम “प्रभात” था। ये बहुत प्रसिद्ध हुआ तथा अलग अलग भाषाओं में इसे छापा गया जो बहुत फेमस हुआ। भारत में पहला हिंदी समाचार पत्र उद्दंड मार्तण्ड था, जो 30 मई सन 1826 को प्रकाशित हुआ।

स्वतंत्रता संग्राम में अखबारों की भूमिका

जब हम अंग्रेजो के गुलाम थे तब समाचार पत्रों में अपने मुताबिक खबरें कोई नहीं छाप सकता था। उस वक़्त स्वतंत्र रहकर निर्भयता से लिखने की आजादी भी नहीं थी। उस समय इनमें मनोरंजक लेख भी नहीं होते थे और ना ही इनसे पैसे कमाए जाते थे।

जब स्वतंत्रता संग्राम चल रहा था तब लोगों के पास आपस में सूचनाएं भेजने और प्राप्त करने का साधन भी नहीं था, ऐसे समय में अख़बारें और पत्रिकाएं उनका सहारा बनीं। लेखकों ने कलम को अपना हथियार बनाया और जनता को जागरूक किया।

महात्मा गांधी जी ने हरिजन और यंग-इंडिया नामक समाचार पत्रों की शुरुआत की और अबुलकलाम आजाद जी ने अल-हिलाल नामक अख़बार की। उस समय ये अख़बार लोगों के दिलों में क्रांति की ज्वाला भड़काने का काम भी करते थे।

आजादी के वीरों ने जनता को जागरूक बनाने के लिए इन्हीं का सहारा लिया, अतः समाचार पत्रों की भूमिका आजादी की लड़ाई में बहुत अहम रही।

समाचार पत्र का महत्व

इनका हमारे जीवन में बहुत अधिक महत्व है, क्योंकि इनसे हम रोजाना देश और विदेश में होने वाली राजनीति, समाज, आर्थिक, खेलों, मनोरंजक, रोजगार और व्यापार सम्बन्धी, विज्ञान और मौसम सम्बन्धी, मार्केट इत्यादि सभी प्रकार की जानकारियां एक साथ एक जगह पर पढ़ सकते हैं।

इन्हें हर श्रेणी के लोगों द्वारा पढ़ा जा सकता है, क्योंकि ये महंगे नहीं होते हैं और हर जगह उपलब्ध हो जाते हैं। ये हलके फुल्के कागज पर मुद्रित होते हैं तो लाने ले जाने में भी आसानी होती है।

ये उद्योग और व्यापार में भी बहुत फायदेमंद होता है, क्योंकि उद्योगपति अखबारों में अपनी दुकान, शो रूम आदि का और अपने व्यापार का विज्ञापन देते हैं। इसके साथ ही इसमें कई लोग नौकरी के लिए भी इश्तेहार देते हैं, जिससे सभी को नौकरी और रोजगार ढूंढने में आसानी होती है।

सरकारी और प्राइवेट सभी प्रकार की नौकरियों के बारे में अखबारों में जानकारी होती है, जिससे युवा लोग जो आवेदन करना चाहते हैं वे कर पाते हैं। छात्रों और अध्यापकों को हर प्रकार की नई नई जानकारियां इनसे मिलती है। कई तरह के समसामयिक समस्याओं पर चर्चा और लेख भी वे इसमें पढ़ सकते हैं।

किसानों के लिए भी समाचार पत्र का महत्व है, क्योंकि उन्हें इनसे मौसम की जानकारी मिलती रहती है और वे समझकर उसी के अनुरूप अपनी फसलें उगाते हैं। इतना ही नहीं उन्हें मंडी से जुड़ी और बीजों व खाद की जानकारी भी इसमें मिलती है, जिससे उनकी पैदावार और फायदा दोनों बढ़ जाते हैं।

सरकार जो भी महत्वपूर्ण योजनाएं और कानून बनाती है, वे समाचार पत्रों के द्वारा जनता को पता चलते हैं। जो महिलाएं घर का काम काज करती हैं और नौकरी नहीं करती उनके लिए भी इनमें बहुत सी जानकारियां जैसे घर गृहस्थी से जुड़ी, पाक विधियां, सिलाई बुनाई, नया फैशन आदि हर प्रकार की बातें इनमें सीखने को मिलती हैं और इनमें अच्छी अच्छी कहानियां व कविताएं भी छपती हैं जिनको बच्चे, बड़े और बुजुर्ग सभी पढ़कर आनन्द लेते हैं।

ये अख़बार पढ़कर फेंका नहीं जाता है बल्कि जब इन्हे रद्दी में बेचते हैं तो हमें कुछ पैसे मिलते हैं और इनके कागज का उपयोग कई प्रकार की चीजें जैसे बॉक्स, गत्ते आदि बनाने में किया जाता है।

समाचार पत्र की हानियां

समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरें जैसे फायदा पहुंचाती हैं वैसे ही इनके नुकसान भी हैं, क्योंकि बहुत बार न्यूज एजेंसी के कुछ लोग पक्षपाती होकर और अपने फायदे के लिए गलत खबरें छाप देते हैं। जिसके परिणाम अत्यंत खराब हो सकते हैं।

अखबारों में छापी गई गलत और किसी एक जाति वर्ग की खबरों से समाज में जातिवाद फैल सकता है और लड़ाई झगड़े व दंगे भी हो सकते हैं। लोग और जातियां एक दूसरे से दुश्मनी पाल लेते हैं और जिसके फलस्वरूप देश में अराजकता फैल जाती है इसलिए समाचार पत्रों में निष्पक्ष रहकर सही जानकारी लेकर खबरें छापनी चाहिए।

भारत के प्रचलित समाचार पत्र

भारत में प्रकाशित होने वाले कुछ प्रसिद्ध समाचार पत्र हिंदुस्तान टाइम, द टाइम्स ऑफ इंडिया, दैनिक भास्कर, द इकोनॉमिक्स टाइम्स, अमर उजाला, द हिंदू, दैनिक जागरण, लोकमत, राजस्थान पत्रिका, इंडियन एक्सप्रेस, पंजाब केसरी आदि मुख्य समाचार पत्र हैं।

उपसंहार

हम सभी को रोजाना समाचार पत्र पढ़ने चाहिए, ताकि हम नई जानकारियो और खबरों से वाकिफ हो सकें। हम सभी को निष्पक्ष रहकर पत्र पत्रिकाओं में अच्छे लेख प्रकाशित करवाने चाहिए। जिससे सभी को मार्गदर्शन मिले और एक समझदार व मजबूत समाज का निर्माण हो।


तो यह था समाचार पत्र पर निबंध, आशा करता हूं कि समाचार पत्र पर हिंदी में लिखा निबंध (Hindi Essay On Newspaper) आपको पसंद आया होगा। अगर आपको यह लेख अच्छा लगा है, तो इस लेख को सभी के साथ शेयर करे।

Sharing is caring!