मेरे भाई पर निबंध (My Brother Essay In Hindi)

आज हम मेरे भाई पर निबंध (Essay On My Brother In Hindi) लिखेंगे। मेरे भाई पर लिखा यह निबंध बच्चो (kids) और class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए लिखा गया है।

मेरे भाई पर लिखा हुआ यह निबंध (Essay On My Brother In Hindi) आप अपने स्कूल या फिर कॉलेज प्रोजेक्ट के लिए इस्तेमाल कर सकते है। आपको हमारे इस वेबसाइट पर और भी कही विषयो पर हिंदी में निबंध मिलेंगे, जिन्हे आप पढ़ सकते है।


मेरे भाई पर निबंध (My Brother Essay In Hindi)


प्रस्तावना

मेरे दो भाई है। एक बड़ा और एक छोटा भाई। मुझे मेरे दोनों ही भाई बहुत प्रिय है। बड़ा भाई जँहा मेरा ख्याल रखता है, मेरी हर मनमानी को छोटा समझ कर नजर अंदाज करता है।वही मेरा छोटा भाई अपनी शरारतों से मुझे तंग करता है। मुझे कभी कभी उसकी ये शरारतें और मस्ती मजाक अच्छे भी लगते है। भाई बड़ा हो या छोटा आखिर भाई तो भाई ही होता है।

मेरे भाई का व्यक्तित्व

मेरे बड़े भाई का नाम राकेश है, जो कि बहुत ही अलग तरह का व्यक्तित्व रखता है। उसकी प्रत्येक बात मेरे मन को लुभाती है। उनके डांटने में भी प्यार का एहसास होता है। मेरा भाई मेरे जीवन का बहुत ही प्रभावशाली व्यक्ति रहा है।

कहते है की अधिकतर एक भाई- बहन या भाइयो बहनो में ज्यादातर लड़ाइयां ही होती है, वो एक भी काम साथ मे नहीँ करते। पर मेरे ओर मेरे बड़े भाई में बिल्कुल भी ऐसा नही होता। वो मेरे हर काम मे मेरी मद्त करता है। एक तरह से वो मेरा रोल मॉडल रहा है। मुझे उसी की तरह सक्सेस्फुल ओर प्रतिभावान बनना है। यही मेरा सपना है।

जब में 7 साल का था, तभी से देख रहा हूँ की मेरे भाई ने मेरा ख्याल ऐसे रखा है, जैसे कि मेरे माता-पिता रखते है। मेरा भाई मेरी पढ़ाई, मेरे खाने पीने के साथ ही किस्से मुझे बात करनी चाहिए किस्से नहीँ, इसकी समज मुझे देता है।

जबकि मेरा भाई मुझसे केवल 6 साल ही बड़ा है, फिर भी बड़े भाई में छोटे भाई – बहन के प्रति कब मैच्यूरिटी आ जाती है, ये हमें खुद को भी पता नहीं चलता। ऐसा है मेरा बड़ा भाई। मैं भगवान से पार्थना करती हूं कि प्रत्येक छोटे भाई-बहन को ऐसा ही बड़ा भाई मिले।

मेरा बड़ा भाई मेरा सही मार्गदर्शक

मेरे बड़े भाई ने मुझे हमेशा से ही सही मार्गदर्शन दिया है। उसने मुझे हमेशा बताया कि मुझे क्या करना चाहिए क्या नहीँ। जब में 11th क्लास में था तो मुझे विषय चुनने में बहुत दिक्कत हो रही थी। में सोच रहा था कि मुझे क्या करना चाहिए क्या नहीँ, में बहुत उदास सा रहने लगा था।

उस वक़्त मुझे समझ नही आ रहा था कि में क्या करूँ, तब मेरे भाई ने मुझे रास्ता दिखाया। मेरे भाई ने मुझे अपने पसंद का विषय चुनने को कहा। सच कह रहा हूँ, इतने अच्छे मार्गदर्शन के बाद मेरे मन मे विषय को लेकर बिल्कुल भी शंका नही रही।

मैंने भी वही किया जो मुझे सही लगा। मेरे भाई के मार्गदर्शन की वजह से में अपने विषय को चुन सका और आज में पुरे दिल से पढाई कर पा रहा हु।

मेरा भाई मेरा दोस्त

मेरा भाई सबसे पहले मेरा एक अच्छा दोस्त है। में बिना हिचकिचाहट अपनी हर बात अपने भाई को बता सकता हूं। मेरा भाई दिखने में भी बहुत स्मार्ट है। उसकी पर्सनल्टी किसी हिरो से कम नहीँ है। वो पड़ने लिखने के अलावा खेल खेलने और घूमने का शोक भी रखता है।

साथ ही मेरा भाई हमे घुमाने को ओर अच्छा खाना खिलाने को ले जाता है। वो बड़ो का सम्मान तो करता ही है लेकिन छोटो को भी बहुत प्यार और स्नेह देता है। मेरा भाई मेरे अन्य दोस्तों की तरह ही बहुत अच्छा है। वो एक अच्छे दोस्त की तरह ही जरूरत पड़ने पर मद्त करता हैं और जरूरत पड़ने पर अच्छी सलाह ओर मार्गदर्शन भी करता है।

मेरे भाई का स्नेह और प्यार

मेरा भाई मुझे ओर मेरे छोटे भाई को बहुत प्यार और स्नेह करता है। मेरे छोटे भाई के साथ वो खेलता है। मेरा भाई मुझे और मेरे छोटे भाई को पड़ाता भी है। मेरे छोटे भाई को वो हर दिन स्कूल छोड़ने जाता है और उसे स्कूल से लेकर भी आता है।

मेरा भाई मेरे छोटे भाई का भी बहुत खयाल रखता है। मेरे माता – पिता तो कहते है कि ऐसा बेटा पाकर हम धन्य हो गए है। जब मेरा छोटा भाई 6 साल का था, तब से मेरा बड़ा भाई छोटे भाई को अपने साथ ही कही भी ले जाता था।

मेरे बड़े भाई ने मुझे कई चीजों से अवगत कराया। मेरे भाई ने मेरे छोटे भाई को हमेशा सिखाया की इस उम्र में जब आप खुद घर के बहार निकलते हो, तब आपके दोस्त आपको सिगरेट जैसी गलत चीजो का प्रलोभन देंगे।

लेकिन अपने जीवन मे कभी भी ऐसे दोस्त और ऐसी गलत चीजो से दूर ही रहना, क्योंकि ये गलत चीजें आपका स्वास्थ्य तो खराब करते ही है, लेकिन आपके व्यक्तित्व पर भी गलत प्रभाव डालते है। इसलिए कभी भी ऐसा काम नही करना चाहिए।

मेरे भाई का सपना

मेरे भाई का सपना है कि वो पड़ लिख कर एक बड़ा अफसर बने। इसके लिए वो कड़ी मेहनत भी करता है। दिन -रात पढ़ाई करता हैं, जबकि उसकी उम्र के लड़के घूमते रहते है, खेलते रहते है।

पर वो बिल्कुल भी उनकी तरह नहीँ है। मेरे भाई के विचार है कि खेलना, घूमना ये तो हम बाद में भी कर सकते है। लेकिन अपने सपने ओर केरियर को पहले महत्व देना चाहिए। मेरे माता -पिता चाहते है कि वो एक बहुत बड़ा ऑफिसर बनें और वो उन्ही सपनो को पूरा करने में दिन रात एक कर रहा है।

मेरा भाई मुझे ओर मेरे छोटे भाई को भी यही सिखाता है। जब वो मेरी पढ़ाई में मद्त करता है, तो कोई भी प्रॉब्लम झट से दूर हो जाती है। जैसे कहते है ना कि हमे पढ़ाने वालो में से किसी किसी का ही पढ़ाने का तरीका ओर समझाने का तरीका हमे समझ मे आता है।

वैसे ही मेरा भाई है जिनके पढ़ाने का तरीका मुझे बहुत पसंद है। वो हमें बहुत ही आसान तरीके से और आसान से उदाहरण देकर पड़ाते है। यही बजह है कि हमारे दोस्त भी उनसे पड़ना चाहते है और मेरे भाई उन्हें भी पड़ा देते है।

उनके पढ़ाने की कला बहुत ही अदभुत है। जो कि सभी को पसंद है। वो हम सभी को कहते है कि पढ़ाई को महत्व पहले दिया करो, बाकि काम बाद में करो। हम भी हमारे भाई का कहना मानते है। आख़िर उसकी सही बात को आत्मसात करना भी तो हमारा कर्तव्य ही है।

हमारा अनोखा रिश्ता

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। समाज मे रहना ओर उसके नियमो का पालन करना प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है और इसी समाज मे हमारा परिवार आता है। उसके रिश्ते आते है।उन्ही रिश्तो में मेरा ओर मेरे भाई का रिश्ता है, जो कि बहुत ही अनोखा रिश्ता है।

इस रिश्ते में जो भावनाएं है। वैसी भावनाये दुनिया मे ओर कहि भी दिखाई नही दे सकती, ऐसा मेरा मानना है। एक हमारा देश भारत ही है जहाँ आज भी परिवार के रिश्ते मजबूत है। हमारे यहाँ के त्योहारों की नकल दूसरे देश करते है, पर इन रिश्तों की मजबूती को कोई नहीं तोड़ सकता।

मेरा भाई प्यार और स्नेह के साथ ही मुझे हमेशा आगे बड़ने ओर तरक़्क़ी करने का आशीर्वाद देता है। सच मे मेरे लिए मेरे भाई का मेरे माता पिता के बाद बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है।

मेरे भाई के साथ समर्पण का नाता

मेरा भाई ना केवल भाई बल्कि पिता की भांति पालक समान है। ऐसा सभी भाईयो के रिश्तों में होता है, फिर चाहे भाई कितना भी छोटा क्यों न हो। इसी तरह बहन भी सिर्फ बहन जैसी नही होती, वह भी माँ समान भाईयो को डांटती है, अपने भाई को फटकारती है और सभी अपने छोटे भाईयो को अपने बेटों की तरह सजाती सँवारती है, दुलारती है, पुचकारती है।

इस प्रकार भाई का रिश्ता भावनात्मक जिम्मेदारी के रुप मे भी दिखाई देता है। मेरे भाई का और मेरा रिश्ता समर्पण का रिश्ता है, जो आज तक हममे व्याप्त है। मुझे मेरे भाई पर गर्व है।

हर रिश्ता चाहे वो छोटे भाई से हो या बड़े, रिश्ता कभी कम या ज्यादा नहीँ होता, सभी एक समान ही होता है। इसी प्रकार मेरा रिश्ता भी मेरे छोटे और बड़े भाई के लिए एक समान ही है। मैं एक भाई को प्यार और स्नेह देता हूं, तो एक भाई से प्यार और स्नहे पाता हूँ।

उपसंहार

में अपने भाई से छोटा हूँ, लेकिन हमेशा से ही उनके साथ प्रतिस्पर्धा में रहा हूं। मेरे भाई पर मुझे गर्व है। मेरा भाई मेरे लिए एक प्रेरणास्रोत है, जिससे हमे जिंदगी में कुछ कर दिखने की हिम्मत मिलती है। ऐसा भाई भगवान सब को दे यही मेरी इच्छा है। अच्छे भाई के होने से जीवन की कठिनाइया आसान हो जाती है।


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