महाराष्ट्र दिवस पर निबंध (Maharashtra Day Essay In Hindi)

आज के इस लेख में हम महाराष्ट्र दिवस पर निबंध (Essay On Maharashtra Day In Hindi) लिखेंगे। महाराष्ट्र दिवस पर लिखा यह निबंध बच्चो (kids) और class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए लिखा गया है।

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महाराष्ट्र दिवस पर निबंध (Maharashtra Day Essay In Hindi)


महाराष्ट्र दिवस एक मई को मनाया जाता है। यह दिन महाराष्ट्र के लिए बेहद ख़ास होता है। एक मई को समूचे देश में मज़दूर दिवस मनाया जाता है। दरअसल एक मई को देश में महाराष्ट्र राज्य स्थापित किया गया था। महाराष्ट्र राज्य में हर साल इस दिन को राज्य के स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है।

महाराष्ट्र में रहने वाले सभी लोगो के लिए इस दिन की ख़ास एहमियत है। इस मौके पर विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किये जाते है। इस दिवस पर सांस्कृतिक, रंगीन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किये जाते है।

ऐसे कार्यक्रमों में मराठी सभ्यता की झलक नज़र आती है। जब भारत सन 1947 में एक स्वतंत्र देश बन गया, तो पश्चिमी भारत में बॉम्बे एक अलग राज्य था। जो मौजूदा महाराष्ट्र और गुजरात राज्यों में था। 1950 के दशक में संयुक्त महाराष्ट्र समिति ने बंबई के तत्कालीन द्विभाषी राज्य से अलग एक मराठी भाषी राज्य के निर्माण करने की माँग की थी।

सन 1950 में आंध्र प्रदेश, केरल और कर्नाटक का गठन हुआ, लेकिन केंद्र सरकार महाराष्ट्र राज्य के निर्माण की मांग पर ध्यान नहीं दे रही थी। केंद्र में तत्कालीन सरकार के अड़ियल रवैये से परेशान होकर लोगों ने इसके खिलाफ लड़ने का फैसला किया था।

सरकार ने बल और शक्ति का प्रयोग मांग करके इसे दबाने की कोशिश की थी। महाराष्ट्र दिवस द्वारा गोली चलाने पर मुंबई के फ्लोरा फाउंटेन में सौ से अधिक लोग मारे गए थे। संयुक्त महाराष्ट्र समिति ने अपना लक्ष्य तब प्राप्त किया, जब मुंबई को अपनी राजधानी के रूप में, 1 मई, 1960 को बॉम्बे पुनः संगठन अधिनियम के तहत  निर्माण किया गया।

1960  में महराष्ट्र राज्य का गठन किया गया था। कहा जाता है कि पहले महाराष्ट्र और गुजरात राज्य, बॉम्बे नामक राज्य का अंग हुआ करते थे। तब 1956 के अधिनियम के मुताबिक सभी अन्य राज्यों का देश में गठन किया जा रहा था।

मराठी और गुजराती भाषा बोलने वाले लोगो को अपना अलग राज्य चाहिए था। इन दोनों को अलग राज्य नहीं दिया गया था और बॉम्बे को अलग राज्य घोषित किया गया था। महाराष्ट्र राज्य को अपनी पहचान दिलाने के लिए लोगो ने काफी संघर्ष किये।

बॉम्बे एक ऐसी जगह थी जहाँ मराठी और गुजराती भाषा बोलने वाले लोग साथ रहते थे। जब सभी राज्यों को अपना पहचान प्राप्त होने लगा तब दोनों भाषाएं बोलने वाले लोगो ने अपनी पहचान स्थापित करने के लिए अलग राज्यों की पुरज़ोर मांग की। मराठी भाषा बोलने वाले को अपना राज्य चाहिए था और गुजराती भाषा बोलने वालों को अपना प्रांत चाहिए था।

लोगो ने गुजरात राज्य को एक स्वछंद राज्य घोषित करने के लिए महागुजरात आंदोलन चलाया था। महाराष्ट्र को अलग राज्य बनाने के लिए मराठी लोगो ने संयुक्त समिति का आयोजन किया। इसके लिए लोगो ने आंदोलन चलाए और लगातार इसे पाने के लिए लड़ाईयां लड़ी।

जब देश को आज़ादी प्राप्त हो गयी थी, तब देश के प्रधानमन्त्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने बॉम्बे क्षेत्र को महराष्ट्र और गुजरात ऐसे अलग अलग राज्यों में विभाजित किया था। यह एक मई 1960 को बॉम्बे पुनर्गठन अधिनियम के मुताबिक किया गया था।

अलग अलग राज्यों में विभाजित करने के बावजूद भी एक मसले को लेकर तनातनी बनी रही। दोनों राज्य बॉम्बे को अपना प्रान्त बनाने की चेष्टा कर रहे थे। उसके पश्चात बॉम्बे को महाराष्ट्र राज्य के हवाले कर दिया गया। आज बॉम्बे एक संपन्न राजधानी मानी जाती है।

बॉम्बे ना केवल उद्योग जगत, बल्कि पर्यटन क्षेत्र में उन्नत राज्य है। इसके साथ ही बॉम्बे मनोरंजन क्षेत्र का बहुत बड़ा केंद्र माना जाता है। मनोरंजन क्षेत्र में ख्याति के कारण, बॉम्बे काफी लोकप्रिय जगह बना। एक मई महाराष्ट्र दिवस के दिन परेड का आयोजन किया जाता है।

कई प्रकार के प्रोग्राम बड़े पैमाने पर आयोजित किये जाते है। उन लोगो को श्रद्धांजलि दी जाती है, जिन्होंने महाराष्ट्र को राज्य बनाने के लिए आंदोलन किये और शहीद भी हुए। इसलिए इस दिन का बेहद ख़ास महत्व है। महाराष्ट्र दिवस के दिन राज्य सरकार के कई विद्यालयों और सरकारी दफ्तरों में छुट्टी रहती है।

जब भारत को आज़ादी मिली थी, तब भारतीय मानचित्र का नक्शा कुछ और था। कई राज्य एक दूसरे में समाये हुए थे। सभी राज्यों को अपनी पहचान चाहिए थी। आहिस्ते आहिस्ते भाषा और संस्कृति के बुनियाद पर राज्यों को विभाजित किया जाने लगा। देश में नए राज्यों का गठन हुआ।

प्रत्येक वर्ष, समग्र राज्य अपने राज्य की स्थापना दिवस गर्व के साथ मनाते है। इसी प्रकार महाराष्ट्र भी प्रत्येक वर्ष इस दिवस को मनाता है। वर्त्तमान में देश में कुल मिलाकर उन्नतीस राज्य है और सबकी अपनी अलग भाषा और विविध संस्कृति है। इतनी विविधता के बावजूद भी देश एक सूत्र में बंधा हुआ है।

राज्यों के पुनर्गठन 1956 अधिनियम के मुताबिक किया गया। इस अधिनियम के मुताबिक कन्नड़ भाषा बोलने वाले लोगो को कर्नाटक राज्य सौंपा गया। आंध्र प्रदेश राज्यों को तेलगु बोलने वाले लोगो को दिया गया और तमिल भाषा बोलने वालो को तमिलनाडु राज्य दिया गया। लेकिन समस्या तब हुई, जब मराठी और गुजराती लोगो को उनका राज्य नहीं दिया गया।इसका परिणाम यह हुआ कि उन्होंने आंदोलन किये।

बॉम्बे प्रांत को लेकर मराठी और गुजराती लोगो में काफी विवाद हुए। मराठी लोग चाहते थे कि बॉम्बे महाराष्ट्र का हिस्सा हो, वहीं गुजराती लोगो ने यह तर्क दिया कि बॉम्बे की उन्नति का श्रेय उन्हें जाता है। इसलिए यह जगह उन्हें मिलनी चाहिए। आखिरकार इन सब घटनाओ के बाद बॉम्बे महाराष्ट्र का अभिन्न अंग बन गया।

महाराष्ट्र दिवस को यादगार बनाने के लिए, महाराष्ट्र सरकार द्वारा कई प्रकार के भव्य समारोह का आयोजन किया जाता है। प्रत्येक वर्ष शिवजी पार्क में परेड का प्रबंध किया जाता है। इस दिवस पर महाराष्ट्र के राज्यपाल, इस समारोह में भाषण देते है।

राज्य के मुख्यमंत्री हुतात्मा चौक पर जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते है, जिन्होंने राज्य को निर्माण करने के आंदोलन में अपनी जान दी थी। इस दिन पर राज्य में कोई मदिरा और नशा इत्यादि वस्तु नहीं बेची जाती है। महाराष्ट्र की मराठी संस्कृति की झलक यहाँ के लोक नृत्यों और संगीत में नज़र आती है।

महाराष्ट्र दिवस के दिन लोग नए कपड़े पहनते है। इस ख़ास मौके पर खेल और विभिन्न प्रकार के प्रतियोगिताएं भी आयोजित किये जाते है। इन में जो भी जीतता है उसे इनाम दिया जाता है। इस दिन सरकारी कार्य पूरी तरीके से बंद रहते है।

इस दिन लोगो में मिठाईयां बांटी जाती है। विद्यालय में भी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती है और हर विद्यार्थी उसे जीतने का प्रयास करते है। इस दिन विद्यालय में कई प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। बच्चे इस दिवस पर कई  नृत्य अनुष्ठान करते है।

महाराष्ट्र में सरकारी दफतरो और कॉलेजो में भी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जाते है। महाराष्ट्र अपने आप में ही एक विशेष राज्य है। भारत की पहली रेल यात्रा सन 1853 को मुंबई से ठाणे के बीच चली थी। मुंबई को सपनो की माया नगरी भी कहा जाता है। यहाँ हज़ारो लोग रोज अपने रोजगार की तलाश में आते है।

भारत में क्षेत्र फल के मुताबिक महाराष्ट्र तीसरे पायदान पर आता है। देश की राजनीति में महाराष्ट्र राज्य मुख्य भूमिका निभाता है। महाराष्ट्र में छत्तीस जिले मौजूद है। महाराष्ट्र की शीतकालीन राजधानी नागपुर है। गर्मियों में इसकी राजधानी मुंबई बन जाती है।

महाराष्ट्र को संपन्न, धनी और व्यवस्थित राज्यों में गिना जाता है। यह गंगाधर तिलक, वीर सावरकर और दादाभाई नैरोजी की जन्मभूमि है। महाराष्ट्र के पड़ोसी राज्यों में गोवा, कर्नाटक, गुजरात, मध्यप्रदेश के नाम शामिल है। महाराष्ट्र देश की आर्थिक राजधानी है।

यह राज्य अपने उद्योग क्षेत्र में भी सफल और समृद्ध राज्य है। देश के एक चौथाई भाग का उत्पादन महाराष्ट्र राज्य में होता है। महाराष्ट्र की जनसँख्या तेरह करोड़ के करीब पहुँच चुकी है। पर्यटन के नज़र से महाराष्ट्र में गुफाएं, विभिन्न वास्तुशिल्प को देखने के लिए दूर दूर से पर्यटक आते है।

यहाँ के लोकप्रिय जगह गेटवे ऑफ़ इंडिया, मरीन ड्राइव और सिद्धिविनायक मंदिर है। जहाँ लाखो की संख्या में लोग भगवान् के दर्शन के लिए आते है।

निष्कर्ष

महाराष्ट्र के इस विशेष दिन को हर साल बड़े धूम धाम से मनाते है। यहाँ रहने वाले लोगो को महाराष्ट्र के इस इतिहास और उसके महत्व को समझने का सुअवसर प्राप्त होता है। इसलिए 1 मई को महाराष्ट्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन कई प्रकार के धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किये जाते है, जो महाराष्ट्र राज्य के संस्कृति को दर्शाते है।


तो यह था महाराष्ट्र दिवस पर निबंध, आशा करता हूं कि महाराष्ट्र दिवस पर हिंदी में लिखा निबंध (Hindi Essay On Maharashtra Day) आपको पसंद आया होगा। अगर आपको यह लेख अच्छा लगा है, तो इस लेख को सभी के साथ शेयर करे।

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