हिमाचल प्रदेश पर निबंध (Himachal Pradesh Essay In Hindi)

आज हम हिमाचल प्रदेश पर निबंध (Essay On Himachal Pradesh In Hindi) लिखेंगे। हिमाचल प्रदेश पर लिखा यह निबंध बच्चो (kids) और class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए लिखा गया है।

हिमाचल प्रदेश पर लिखा हुआ यह निबंध (Essay On Himachal Pradesh In Hindi) आप अपने स्कूल या फिर कॉलेज प्रोजेक्ट के लिए इस्तेमाल कर सकते है। आपको हमारे इस वेबसाइट पर और भी कही विषयो पर हिंदी में निबंध मिलेंगे, जिन्हे आप पढ़ सकते है।


हिमाचल प्रदेश पर निबंध (Himachal Pradesh Essay In Hindi)


प्रस्तावना

भारत के बहुत ही खूबसूरत राज्यों में से एक का नाम है हिमाचल प्रदेश, यह भारत का बहुत ही खूबसूरत राज्य हैं। जिसका गठन 15 अप्रैल 1948 को किया गया था। 21 रियासतों को मिलाकर इसका गठन किया गया था। यह भारत के बर्फीले व खुबसूरत राज्यों में से एक हैं।

शाब्दिक अर्थ

हिमाचल प्रदेश का शाब्दिक अर्थ है बर्फीले पहाड़ों का प्रान्त। हिमाचल प्रदेश को देव भूमि भी कहा जाता है। इसे 1956 में केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया और फिर बाद में इसे हिमाचल प्रदेश राज्य अधिनियम 1971 के अंतर्गत 25 जनवरी 1971 को भारत के अट्ठारहवें राज्य के रूप में गठित किया गया।

भौगोलिक स्थिति

हिमाचल प्रदेश उत्तर पश्चिमी भारत में स्थित एक राज्य है। यह 21,629 मील से भी अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है। इसके उत्तर में जम्मू-कश्मीर है और लद्दाख के पश्चिम तथा दक्षिण पश्चिम में पंजाब स्थित है।

हिमाचल प्रदेश के दक्षिण में हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश हैं और दक्षिण पूर्व में यह तिब्बत से घिरा हुआ है। हिमाचल प्रदेश हिमालय पर्वत की शिवालिक श्रेणी का हिस्सा है। हिमाचल प्रदेश की जलवायु भी बहुत अच्छी हैं।

हिमाचल प्रदेश के तीन ऋतुएँ हैं। ग्रीष्म ऋतु, शरद ऋतु और वर्षा ऋतु इसके जलवायु मेंं भी विविधताा है। कहीं-कहीं पर पूरे वर्ष बर्फ गिरती रहती है। तो किसी किसी जगह पर गर्मी रहती है।

नदिया

हिमाचल प्रदेश में 5 मुख्य नदियां बहती हैं, जिन्हें बारहमासी नदियां कहा जाता है। यह सभी बर्फ से ढके पहाड़ियों से निकलती हैं। इसकी पांच नदियों में से 4 नदियों का उल्लेख ऋग्वेद में भी मिलता है।

इन्हे पहले अलग-अलग नामों से जाना जाता था, जैसे- अरिकरी यानि चिनाब, पुरुष्णी मतलब रावी नदी, अरिजिकिया यानि व्यास नदी, शतदुई मतलब सतलुज और पाँचवी नदी हैं कालिंदी।

हिमाचल की अर्थव्यवस्था

हिमाचल प्रदेश का प्रमुख व्यवसाय कृषि है। कृषि से हिमाचल प्रदेश की 69 प्रतिशत आबादी को रोजगार मिलता है। कृषि और उससे संबंधित क्षेत्र से होने वाली आय इस प्रदेश के कुल घरेलू उत्पाद का 22.1 प्रतिशत हैं।

झांकी जलवायु अच्छी होने की वजह से किसानों को अलग-अलग तरह की फसल उगाने का मौका मिलता हैं। उसी प्रकार यहांं पर विभिन्न तरह केेेे फल जैसे सेब, बेर, आम, लीची, अमरूद आदि की खेती की जाती है।

हिमाचल प्रदेश में दो राष्ट्रीय पार्क और 32 वन्य जीव अभ्यारण है। यहां पर पर्यटनो का भी बहुत आना जाना रहता है। पर्यटन उद्योग को यहां पर उच्च प्राथमिकता दी जाती है। यहां पर बहुत अधिक तीर्थ स्थल भी हैं, जिसकी वजह से पर्यटन यहां बहुत भारी संख्या में आते हैं।

यहां पर गर्म पानी के स्रोत, प्राकृतिक और मानव निर्मित झीले, ऐतिहासिक दुर्ग आदि ऐसे कई स्थल है, जो पर्यटक को अपनी और आकर्षित करते हैं। इस राज्य में कुल्लू मनाली और शिमला जैसे कई क्षेत्र हैं, जहां प्रतिवर्ष पर्यटक भारी संख्या में आते हैं।

कुल्लू घाटी को देवताओं की घाटी भी कहा जाता है। यहां के मंदिर फलों के बागान पर्यटकों को बहुत ही आकर्षक लगते हैं। कुल्लू की हस्तशिल्प यहां की सबसे बड़ी विशेषता है। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के बारे में तो आप जानते ही होंगे।

शिमला हिमाचल प्रदेश राज्य का सबसे महत्वपूर्ण पर्यटन केंद्र है। शिमला का नाम यहां के देवी श्यामला के नाम पर पड़ा है, जिसे काली का अवतार माना जाता है। शिमला एक पहाड़ी पर फैला हुआ शहर है, जो करीब 12 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में स्थित है।

इसके आसपास टेढ़े मेढ़े रास्ते और घने जंगल भी हैं। यह एक व्यवसायिक केंद्र भी है। शिमला को विश्व का एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल माना जाता है। यहां देश-विदेश से पर्यटक बड़ी संख्या में आते हैं।

शिमला का संग्रहालय हिमाचल प्रदेश की कला एवं संस्कृति को दर्शाता है। यहां पर वास्तु कला, सूक्ष्म कला, लकड़ी ऊपर की गई नक्काशीयां संग्रहित हैं। शिमला में चैडविक झरना एक प्रसिद्ध पर्यटक स्थल है।

शिमला में बहता हुआ झरना और यहां के सदाबहार जंगल बहुत ही आकर्षक है। हिमाचल प्रदेश में खासतौर से पहाड़ी क्षेत्र हैं, जिसकी वजह से यहां पर सड़कें भी पहाड़ी क्षेत्र में बनी हुई है। हिमाचल प्रदेश में कई गांव पहाड़ियों के दलालों और घाटियों में स्थित है।

हिमाचल प्रदेश की भाषाएँ

हिमाचल प्रदेश में कई प्रमुख भाषाएं बोली जाती हैं, जैसे हिंदी, पहाड़ी, पंजाबी, कांगड़ी आदि। यहां के प्रमुख धर्म हिंदू, बौद्ध और सिख है। हिमाचल प्रदेश में चित्रकला का इतिहास बहुत ही प्राचीन है। इस प्रदेश की चित्रकला का राष्ट्र के इतिहास में एक बड़ा योगदान है।

19 वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में हिमाचल तथा पंजाब जाने किसानों पर चित्रों के नमूनों की खोज की गई। कांगड़ा के पुरातन महलो के चित्रों की खोज की गई। हिमाचल प्रदेश में अनेक प्रकार के खनिज पाए जाते हैं। जैसे चूने का पत्थर, चट्टानी नमक, सिलिका रेत और स्लेट, लौह अयस्क, चांदी, शीशा, तांबा, यूरेनियम और प्राकृतिक गैस भी पाई जाती है।

हिमाचल प्रदेश में कई प्रकार से विद्युत ऊर्जा प्राप्त होती है। यह विद्युत् ऊर्जा जल विद्युत, सौर ऊर्जा, कोयले और पैट्रोलियम पदार्थ आदि से प्राप्त होती हैं। हिमाचल प्रदेश में सतलुज नदी पर भाखड़ा बांध परियोजना भी स्थित है, जिसे एशिया का सबसे ऊंचा बांध माना जाता है।

इसकी ऊंचाई 226 मीटर है। इसके माध्यम से 1200 मेगावाट बिजली पैदा की जाती है। यह कम से कम देश भर की बिजली क्षमता का एक चौथाई है।

शिक्षा

हिमाचल प्रदेश प्राथमिक शिक्षा तथा अध्यापक विद्यार्थी अनुपात में प्रथम स्थान पर है। साक्षरता के मामले में हिमाचल प्रदेश केरल के बाद दूसरे स्थान पर है। इस राज्य में लगभग 17000 शिक्षण संस्थान है। जिसमें दो मेडिकल कॉलेज और बहुत सारे तकनीकी व्यवसायिक तथा अन्य शिक्षण संस्थाएं भी शामिल है।

सन 2011 की जनगणना के अनुसार राज्य का साक्षरता प्रतिशत 83.78 हैं। शिक्षा का प्रकाश देश के कोने कोने में पहुंचाने के उद्देश्य से ‘सर्व शिक्षा अभियान’ नामक एक बहुत बड़ी शिक्षा परियोजना चलाई जा रही है।

निष्कर्ष 

आज हमने जाना कि हिमाचल प्रदेश भारत का कितना महत्वपूर्ण राज्य है और भारत में इसकी क्या उपलब्धियां है। हिमाचल प्रदेश देश के प्रमुख पर्यटक स्थलों में से एक है। साथी ही में इस राज्य में साक्षरता अच्छी है, जो की एक अच्छी बात है। हिमाचल प्रदेश देश के बाकि प्रदेशो की तरह देश के विकास में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।


तो यह था हिमाचल प्रदेश पर निबंध, आशा करता हूं कि हिमाचल प्रदेश पर हिंदी में लिखा निबंध (Hindi Essay On Himachal Pradesh) आपको पसंद आया होगा। अगर आपको यह लेख अच्छा लगा है, तो इस लेख को सभी के साथ शेयर करे।

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