कुत्ते पर हिंदी निबंध (Dog Essay In Hindi)

आज हम कुत्ते पर निबंध (Essay On Dog In Hindi) लिखेंगे। कुत्ते पर लिखा यह निबंध बच्चो (kids) और class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए लिखा गया है।

कुत्ते पर लिखा हुआ यह निबंध (Essay On Dog In Hindi) आप अपने स्कूल या फिर कॉलेज प्रोजेक्ट के लिए इस्तेमाल कर सकते है। आपको हमारे इस वेबसाइट पर और भी कही विषयो पर हिंदी में निबंध मिलेंगे, जिन्हे आप पढ़ सकते है।


कुत्ते पर निबंध (Dog Essay In Hindi)


प्रस्तावना

कुत्ता पालतू जानवर है। मनुष्य का सबसे मददगार और वफादार सेवक है। मनुष्य का सबसे सच्चा और अच्छा दोस्त कुत्ते को ही माना जाता है। यह एक ऐसा जानवर है, जो प्यार देने पर जल्द घुल मिल जाता है।

कुत्ता परिवार के सभी सदस्यों की रक्षा करता है। वह अपने जान की परवाह नहीं करता है और अपनों के लिए वह सब कुछ कर सकता है, इसलिए उसे वफादार पशु कहा जाता है।कुत्ता बहुत तेज़ और बुद्धिमान जानवर होता है और चौब्बिसो घंटे सतर्क रहता है।

वह अनजान लोगो को परिवार के सदस्यों के पास नहीं आने देता है। कुत्ते के कई प्रकार होते है। लोग अपने पसंद के मुताबिक कुत्ते अपने घर पर रखते है। सभी लोग कुत्ते को अपने  परिवार का हिस्सा समझते है।

कुछ लोगो के लिए कुत्ते उनकी जान होते है। कुत्तो को तकलीफ हो तो लोग उन्हें पशु चिकित्सक के पास इलाज़ के लिए लेकर जाते है। आजकल अधिकतर लोग अपने घरो में कुत्ते पालते है।

कुत्ते तेज़ी के साथ दौड़ सकते है। जब किसी अनजान व्यक्ति को अपने इलाके के आस पास देखते है तो और अधिक ज़ोर से भौंकते है और कभी – कभी आक्रमण कर देते है। कुत्ता अपने मालिक से बहुत प्यार करता है और उसे हर मुसीबत से बचाता है।

कुछ नस्ल के कुत्तो को पुलिस स्टेशन, हवाई अड्डों में सुरक्षा के उद्देश्य से ले जाया जाता है। इन कुत्तो को अच्छे तरीके से प्रशिक्षित किया जाता है। ऐसे कुत्ते चोर, डाकू और अपराधियों को उनके चीज़ो को सूंघ कर ढूंढ लेते है। इससे सुरक्षा कर्मियों को काफी मदद मिलती है।

कुत्तो में सूंघने की बेहतरीन शक्ति होती है। उनका दिमाग बड़ा तेज़ होता है, इसलिए लोग ऐसे पालतू जानवर को बड़े प्यार से अपने घर पर रखते है।

कुत्ते का वैज्ञानिक नाम

इंसान का सबसे प्रिय जानवर कुत्ता है। “कैनिस लुपुस फैमिलिरिस” कुत्ते का वैज्ञानिक नाम है। कुत्ते के जन्मे छोटे बच्चो को पिल्ला कहा जाता है।

कुत्तो की सूंघने और सुनने की शक्ति

कुत्तो को सूंघने की बेहतरीन शक्ति होती है। कुत्तो की सुनने की शक्ति इंसानो से काफी ज़्यादा होती है।

कुत्तो की प्रजनन क्षमता

कुत्ते एक समय में सात से आठ बच्चो को जन्म दे सकते है। कुत्तो के छोटे बच्चे, उनकी मादा की तरह ही तेज़ और बुद्धिमान होते है।

मालिक से प्यार और सुरक्षा की दृष्टि से कुत्तो का प्रशिक्षण

जैसे ही मालिक घर पर अपने काम से लौटकर आते है, तो उनके कुत्ते उनके आहट से ही पहचान जाते है। वह मालिक के आने पर फूले नहीं समाते है और उनके साथ खेलने लगते है। जानवर बेजुबान होते है लेकिन वह लोगो की भावनाएं समझते है।

कुत्तो को पानी में तैरना इत्यादि क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जाता है। कुत्ते को ऐसे प्रशिक्षित किया जाता है कि वह ऊंचाई से भी कूद सकते है। मिलिट्री सुरक्षा बल भी कुत्तो का गम्भीरतापूर्वक प्रशिक्षण करवाते है।

कुत्तो को ट्रैक रखने और बम इत्यादि के बारे में जानने के लिए बेहतरीन प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्हें ऐसे प्रशिक्षित किया जाता है, ताकि वे आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा बलों की इन सुरक्षा संबंधित ऑपरेशन में मदद कर सके।

कुत्तो का शारीरिक गठन

कुत्ता कई रंगो में जैसे भूरा, काला, सफ़ेद इत्यादि में पाया जाता है। कुत्ते के कई नस्ल होते है। इसकी दो आँखें होती है। कुत्तो के नुकीले दांत होते है। वह दुश्मनो से अपने और अपने मालिक की सुरक्षा के लिए लड़ पड़ता है और अपने बचाव में काँट लेता है।

कुत्ते के पाँव में नाखून होते है, जो काफी नुकीले होते है। कुत्ता सर्वाहारी होता है, यानी वह सब्ज़ियां और मांस दोनों ही खा सकता है। कुत्तो के चार पैर और एक पूंछ होती है। कुत्ते के दो कान होते है और वह दूर से धीमे आवाज़ को भी सुन सकता है।

कई जगहों पर ज़्यादातर बर्फीले स्थानों पर कुत्तो को बोझ ढोने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। कुत्ते रात में अगर सोते भी है तो थोड़े से आहट पर सजग हो जाते है। कुत्ते के पूरे शरीर में बाल होते है। शरीर पर बालों का कम ज़्यादा होना यह उसकी नस्ल पर निर्भर करता है।

कुत्ते की एक ही नाक होती है और उसके सूंघने की क्षमता अन्य प्राणियों की तुलना में अधिक होती है। कुत्ते की गर्दन छोटी और पतली होती है। बड़े कुत्ते जिनकी उम्र ज़्यादा होती है, उनके मुंह में 42 दांत होते है। कुत्ते जिनकी उम्र छोटी होती है मतलब की जो बच्चे होते है, उनके मुंह में २८ दांत होते है। कुत्ते को एक पूंछ होती है।

कुत्ते की आयु

कुत्ते की आयु बहुत ज़्यादा नहीं होती है। कुत्ते का जीवन उसके आकार पर निर्भर करता है। कुत्ते स्तनधारी होते है और मादा अपने छोटे से बच्चे को दूध पिलाती है। कुत्ते ज़्यादातर सोलाह वर्ष तक ही जी सकते है।

कुत्तो के प्रकार और उनका भोजन

कुत्ते कई प्रकार के होते हैं। जैसे कि ब्लडहाउंड, ग्रेहाउंड, ब्लू लेसी, बॉक्सर, बुलडॉग, जर्मन शेफर्ड, लैब्राडोर, रोटवीलर, बुलडॉग पुडल आदि। कुत्ते आम तौर पर मछली, मांस, दूध, चावल, रोटी आदि खाते हैं। वह माँसाहारी और शाकाहारी दोनों ही होते है।

पूरे दुनिया में कुत्तो की कई प्रजातियां पायी जाती है। कुछ प्रजातियों में कुत्ते का शरीर बड़ा और कुछ प्रजातियों में छोटा होता है। कुत्ते विभिन्न रंगो में पाए जाते है। कुत्तो की शारीरिक रचना भेड़ियों और लोमड़ी से काफी मेल खाती है। जब से इंसानो ने कुत्तो को पालतू जानवर बनाकर रखा है, तब से वह रोटी, सब्ज़ी, फल इत्यादि शाकाहारी भोजन भी खाते है।

वफादार जानवर

कुत्तों को कभी-कभी मनुष्य के सबसे अच्छे दोस्त के रूप में संदर्भित किया जाता है। वे आमतौर पर वफादार होते हैं और मनुष्यों के आसपास रहना पसंद करते हैं। वे मनुष्य को तनाव, चिंता और अवसाद से कोसो दूर रखते हैं।

वे हमारे अकेलेपन को दूर कर देते है। वे हमारे साथ व्यायाम और विभिन्न तरीके के खेल खेलने में रूचि रखते है। इससे कुत्तो को काफी ख़ुशी मिलती है। वह अपने मालिक के इर्द गिर्द रहना पसंद करते है।

मालिक के सबसे करीब

कुत्ते अपने मालिक को जब भी काम से घर आते देखते हैं, तो वे उनके पास भागते हैं और अपने प्यार को जताने के लिए उन पर कूद पड़ते हैं। कुत्ते मनुष्य के ईमानदार दोस्त होते हैं। अपने दोस्त को बचाने के लिए वह अपनी जान भी दे सकते है।

उनके मालिक की सुरक्षा के लिए वह दिन रात पहरेदारी कर सकते है। उनके मालिक को क्या पसंद है, वह कब घर से जाते है और कब वापस आते है, उन्हें सब पता होता है। वह मालिक पर आये मुसीबत को भांप लेने की क्षमता रखते है और उनकी सदैव रक्षा करते है।

पुलिस और कई सुरक्षाकर्मियों की सहायता

कुत्ते की सूंघने की शक्ति इतनी तेज़ होती है की पुलिस प्रशासन और मिलिट्री इत्यादि को वह कई मिशन में मदद करता है। वह चोर को पकड़ना और बम -विस्फोटक इत्यादि का पता लगाते है। कई नस्ल के कुत्तो को दिन रात प्रशिक्षित किया जाता है। वह कई सारे मिशन को सफल बनाते है।

सबसे भावनात्मक पशु

कुत्ता सबसे अधिक भावनात्मक पशु होता है। वह अपने मालिक और अपने आस पास के लोगो के भावनाओ को समझ लेता है। वह अपने पूंछ को हिलाकर अपने भावनाओ को समझाता है।

कुत्ता हर तरीके के माहौल में अपने आपको ढाल लेता है। कुत्ता एक ऐसा पशु है जो मनुष्य की भावनाओ को जल्द समझ लेता है। कुत्ते इतने अधिक भावनात्मक होते है कि वह मालिक की ख़ुशी में खुश होते है और मालिक के दुःख में दुखी होते है।

मालिक की परवाह वह हमेशा करते है। अपने मालिक की कठिन से कठिन परिस्थिति में वह हमेशा उनके पास रहते है और कितनी भी कठिनाई आये वह उनका साथ नहीं छोड़ते है। मनुष्य भी कुत्तो से उतना ही लगाव रखते है।

कुत्ते का इस्तेमाल

पहले के जमाने में इंसानो द्वारा कुत्तो का उपयोग वस्तु, सामान ढोने के लिए किया जाता था। आज ज़्यादातर लोग कुत्तो को घर पर सुरक्षा हेतु रखते है। घर को चोरो और लुटेरे से बचाने के लिए लोग कुत्ते रखते है और शौक के लिए भी लोग कुत्ते पालते है।

कुत्ते अनजान व्यक्ति और दूसरे जानवरो से अपने मालिक की रक्षा करते है। पुलिस, रेलवे सुरक्षा और आर्मी इत्यादि सुरक्षा के लिए कुत्तो का इस्तेमाल करते है। जहाँ खूब बर्फ पड़ती है, ऐसे स्थानों पर कुत्तो की मदद से स्लेज गाड़ी चलवाई जाती है। यह यात्रियों को एक जगह से दूसरे जगह तक पहुंचाती है।

कई जगहों पर कुत्तो के साथ बुरा व्यवहार

दुर्भाग्यवश कई जगहों जैसे रास्तो पर कुत्तो के साथ कुछ लोग बुरा बर्ताव करते है। उन पर पत्थर इत्यादि फेकते है और उन्हें दुत्कार कर भगाते है। खाने के लिए थोड़ा भोजन नहीं देते है। ठण्ड में उसे घर के आंगन में थोड़ा आश्रय नहीं देते है।

ऐसा अमानविक बर्ताव मासूम और बेजुबान जानवरो के साथ नहीं करना चाहिए। उन्हें परेशान नहीं करना चाहिए और उनके साथ सहनुभूति जतानी चाहिए। प्यार और भोजन अपने आस पास के कुत्तो को अवश्य देना चाहिए।

निष्कर्ष

कुत्ते सच्चे मन से मनुष्यो पर विश्वास करते है। एक सच्चे मित्र की भाँती अपने मालिक से प्यार करते है। हमे कभी भी उसकी अवहेलना नहीं करनी चाहिए। वह बेचारे बोल नहीं सकते, मगर समझ सब कुछ लेते है।

किसी भी इंसान को उसे चोट या तकलीफ नहीं पहुंचानी चाहिए। कुत्तो के साथ अच्छा व्यवहार करना मनुष्य का दायित्व है। बिना पशुओं के ना केवल यह पर्यावरण बल्कि मानव जीवन भी अधूरा है। हमे पालतू जानवरो से अच्छा बर्ताव करना चाहिए, तभी वह भी हमारे साथ कुछ ही पलो में घुल मिल जाते है।


इन्हे भी पढ़े :-

तो यह था कुत्ते पर निबंध (Dog Essay In Hindi), आशा करता हूं कि कुत्ते पर हिंदी में लिखा निबंध (Hindi Essay On Dog) आपको पसंद आया होगा। अगर आपको यह लेख अच्छा लगा है, तो इस लेख को सभी के साथ शेयर करे।

Sharing is caring!

Leave a Comment