क्रिकेट पर निबंध (Cricket Essay In Hindi)

आज के इस लेख में हम क्रिकेट पर निबंध (Essay On Cricket In Hindi) लिखेंगे। क्रिकेट पर लिखा यह निबंध बच्चो और class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए लिखा गया है।

क्रिकेट पर लिखा हुआ यह निबंध (Essay On Cricket In Hindi) आप अपने स्कूल या फिर कॉलेज प्रोजेक्ट के लिए इस्तेमाल कर सकते है। आपको हमारे इस वेबसाइट पर और भी कही विषयो पर हिंदी में निबंध मिलेंगे, जिन्हे आप पढ़ सकते है।

क्रिकेट पर निबंध (Cricket Essay In Hindi)


प्रस्तावना

भारत में क्रिकेट एक लोकप्रिय खेल माना जाता है, जिसकी शुरुआत दक्षिणी इंग्लैंड से हुई थी। पहले यह खेल बहुत कम खेला जाता था, परंतु आज इसने लोगों के दिलों पर राज्य कर लिया है।

आज बहुत सी राष्ट्रीय टीम बन चुकी है, जिसमें भारत, दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, श्रीलंका, वेस्टइंडीज, साउथ अफ्रीका, जिंबाब्वे, बांग्लादेश, पाकिस्तान, आयरलैंड और भी बहुत सी टीम है जो हर साल बहुत से मैच खेलती है।

पहले यह टीम्स टेस्ट मैच और वनडे मैच खेलते थे, बाद में 2018 में आईसीसी ने घोषणा की थी कि 1 जनवरी 2019 से 120 सदस्यों के लोग T20 इंटरनेशनल मैच खेलेंगे। क्रिकेट आज बच्चे बड़े सभी का पसंदीदा खेल है।

आज हर गली में कोई ना कोई बच्चे क्रिकेट मैच खेलते हुए पाए जाते है। क्रिकेट मैच एक आसान सा खेल है जिसमें कुछ खिलाड़ी होते हैं जो दो टीमों में बट जाते हैं। इन टीमों में बहुत से खिलाड़ी होते हैं परंतु खेलने वाले सिर्फ 11 खिलाड़ी होते हैं।

हर टीम में कुछ ज्यादा खिलाड़ी भी होते हैं, जिन्हे जरूरत पड़ने पर खेलने दिया जाता है। इस खेल में बल्लेबाज, गेंदबाज और फिल्डर तीनों अपने महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हालांकि एक पेशेवर क्रिकेटर बनना थोड़ा मुश्किल है, परंतु यदि व्यक्ति अपनी लगन से क्रिकेट खेलता है तो जरूर आगे तक जाता है।

आज भारत में क्रिकेट ने बहुत से लोगों के दिल में जगह बना ली है।

क्रिकेट मैच

क्रिकेट का मुकाबला दो टीमों के बीच में होता है जिसमें 11 खिलाड़ी होते हैं, जो कि मैदान पर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। क्रिकेट के अंदर अलग-अलग आकार के मैदान होते हैं। जिसके अंदर घास होती है ताकि ग्राउंड में खेलते समय खिलाड़ी गिरे तो उन्हें कम चोट आए।

हालांकि खेलते समय बहुत ही खिलाड़ियों को कम चोट लगती हैं, क्योंकि वहां की जमीन थोड़ी अलग होती है। मैच खेलने से पहले मैदान को अच्छे से चेक किया जाता है और अच्छा बनाया जाता है।

मैदान के अंदर जहां पर बैट्समैन खेलता है, वहां पीच भी होती है जहां पर बोल उछलती है। क्रिकेट मैच अलग अलग होते है, इनमें कुछ टेस्ट में होते हैं, कुछ वनडे मैच होते हैं और कुछ T20 मैच होता है।

टेस्ट मैचेज सबसे लंबे होते हैं जो कई दिनों तक चलते हैं, परंतु वनडे मैच 50 ओवर की होती हैं जो एक ही दिन के अंदर समाप्त हो जाते हैं। उसी प्रकार 20-20 मैच भी होते हैं जो 20 ओवर के होते हैं और एक ही दिन के समाप्त हो जाते हैं।

मैदान और पिच

क्रिकेट मैच खेलने वाला मैदान बहुत बड़ा होता है, जिसके अंदर घास पीछे होती है। मैदान अलग-अलग आकृति के होते हैं जिन का साइज़ अलग अलग हो सकता है। इसीलिए हर देशों में बहुत बड़े-बड़े क्रिकेट स्टेडियम बनाए गए होते हैं जहां पर क्रिकेट मैच खेले जाते हैं।

क्रिकेट के मैदान के अंदर एक पिच होती है जहां पर बैट्समैन और बॉलर दोनों खेलते हैं। बैट्समैन खेलने वाला होता है जिसके हाथ में बैठ होता है और बॉलर उसे बोल फेकता है।

बल्ला और बोल

क्रिकेट मैच खेलने के लिए सबसे महत्वपूर्ण साधन बल्ला और बोल होती है, उसके साथ कुछ और सामग्री भी होती है। जैसे हेलमेट, लेगगार्ड, हैंड गार्ड, हेलमेट, ग्लब्स, शूज, विकेट स्टंप आदि।

इन सभी के साथ में मैच को अच्छे से खेला जाता है, क्योंकि बोल कुछ हार्ड होती है जिसके कारण चोट लगने की परेशानी होती हैं। बल्ले को अक्सर लकड़ी का बनाया जाता है और इसके पीछे एक बेलनाकर डंडा होता है जिसे बैट्समैन पकड़ता है।

टीम

क्रिकेट मैच में खेलने वाले खिलाड़ी ग्यारह होते हैं। इसके अलावा भी कुछ खिलाड़ी रखे जाते हैं, जो कि समय-समय पर बदले जाते हैं। इसमें ज्यादातर पांच खिलाड़ी बल्लेबाज होते हैं जिसमें से दो या तीन खिलाड़ी ऑलराउंडर होते हैं और चार खिलाड़ी को बॉलिंग के लिए विशेष तौर पर रखा जाता है।

बचे हुए खिलाड़ियों को बॉलिंग और बल्लेबाजी के लिए रखा जाता है। यदि टीम मैच में बल्लेबाजी कर रही है तो सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका बल्लेबाज निभाता है और जब टीम फील्डिंग कर रही हो तो उसमें फील्डर और गेंदबाज अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

ओवर

मैच में 2 टीमों का होना जरूरी है उसी प्रकार दोनों टीमों का बराबर खेलना जरूरी है, इसके लिए ओवर रखे जाते हैं। टेस्ट मैच जिसमें ओवर की सीमा नहीं होती है, यह दिनों पर खेले जाते हैं।

एकदिवसीय क्रिकेट मैच 50 ओवर के होते हैं, जिसमें एक टीम पहले दिन खेलती है दूसरे दिन 50 और खेलती है। उसी प्रकार T20 मैचेज में भी 20 20 ओवर होते हैं। दोनों टीम बराबर ओवर खेलती है।

इन ओवर के बीच में टीम को अच्छे रन बनाने होते हैं, यदि टीम पहले ही आउट हो जाती है तो बचे हुए ओवर का कोई मतलब नहीं रहता।

गेंदबाजी

मैच के अंदर गेंदबाजी करना भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि एक अच्छा गेंदबाज़ अपने टीम को जिताने में भी योगदान देता है। टीम के अंदर दो तरह के गेंदबाज होते हैं एक फास्ट गेंदबाज होता है और एक स्पिन गेंदबाज होता है।

अक्सर फास्ट गेंदबाज से हर कोई खिलाड़ी खेलना नहीं चाहता, क्योंकि बोल की गति तेज होती है जिसे आसानी से खेला नही जाता और स्पिन गेंदबाज अपनी बोल को बड़ी आसानी से स्पीन कराता है। जिससे बोल कहीं और जाती है और कहीं और से निकलती है जिससे खेलने वाला खिलाड़ी कंफ्यूज हो जाता है।

एंपायर

टीम में निर्णय लेने के लिए एंपायर रखे जाते हैं जो खेल की गतिविधियों पर अच्छी तरह से नजर रखते हैं। अक्सर टीम के अंदर मैदान पर दो एंपायर होते हैं जो अपनी तरफ से महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

एक एंपायर गेंदबाज के तरफ खड़ा होता है। दूसरा एंपायर बल्लेबाज की तरफ खड़ा होता है। जब बल्लेबाज खेलता है तो उसकी हरकतों पर एक एंपायर नजर रखता है उसी प्रकार गेंदबाज की हरकतों पर दूसरा एंपायर नजर रखता है।

इन एंपायर के अलावा मैदान में एक तीसरा एंपायर रखा जाता है, जो पूरी गतिविधि पर नजर रखता हैं। यह एंपायर कैमरा होता हैं जो पूरे मैदान पर अपनी नजर बनाए रखता हैं। फिर बाद में किसी तरह के कन्फ्यूजन होने पर तीसरे एंपायर की मदद ली जाती है और सही निर्णय लिया जाता है।

बल्लेबाजी

जहां एक और गेंदबाज और फील्डर होते हैं, वहीं दूसरी और बल्लेबाज होता है। बल्लेबाज अपने बल्ले की मदद से अच्छा स्कोर बनाता है। बल्लेबाजी करना आसान नहीं होता क्योंकि तेजी से आती बोल को देख पाना और उसे जोर से मारना थोड़ा मुश्किल होता है।

क्योंकि तेजी से आती हुई बोल कब सामने से निकल जाए पता नहीं चलता। मैदान पर दो बल्लेबाज होते हैं, दोनों एक दूसरे को स्ट्राइक देते हैं और अपने विकेट की रक्षा करते है। यह बल्लेबाज जितना संभव हो सके उतना रन बनाते हैं।

अगर कोई बल्लेबाज यदि आउट हो जाता है तो वह मैदान छोड़कर चला जाता है और वापस नहीं आ सकता। एक अच्छा बल्लेबाज शॉर्ट और स्ट्रोक लगाता है। बल्लेबाज हर गेंद को बड़ी सावधानी पूर्वक देखता है और फिर खेलता है।

क्योंकि हर गेंद पर खेला जाने वाला शॉट सही नहीं हो सकता है, यह उसे आउट भी करा सकता है और साथ ही साथ सामने वाले खिलाड़ी का भी ध्यान रखना होता है। क्योंकि रन लेते समय कहीं आउट ना हो जाए इस बात का खास ध्यान रखना पड़ता है।

फिल्डर

जिस प्रकार गेंदबाज और बल्लेबाज मैदान में अपना मैच खेल कर और बोल फेक कर पूरा करते हैं, उसी प्रकार फिल्डर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका गेंद को रोककर निभाता है। जितना महत्वपूर्ण रन बनाना होता है उतना ही महत्वपूर्ण रन रोकना भी होता है।

इसके लिए सारे 11 खिलाड़ी मैदान पर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका फील्डर के तौर पर निभाते हैं। फिल्डर अलग से नहीं रखे जाते हैं जो खिलाड़ी होते हैं वही फिल्डर का भी काम करते हैं।

मैदान में चारों तरफ फिल्डर खड़े रहते हैं और एक खिलाड़ी गेंद फेंकता है और एक खिलाड़ी खेलने वाले खिलाड़ी के पीछे कीपर बना होता है। बाकी के बचे नो खिलाड़ी जिसमें से पांच खिलाड़ी को बाउंड्री पर खड़ा रखा जाता है।

और चार खिलाड़ियों को बीच सेंटर के बॉर्डर पर खड़ा किया जाता है। खिलाड़ियों की जगह बार-बार बदली जाती है। यदि फिल्डर के हाथ में कैच हो जाता है तो खिलाड़ी आउट हो जाता है।

उपसंहार  

आजकल के समय में बच्चा बच्चा क्रिकेट खेलना पसंद करता है। आजकल हर कोई भी बच्चा हाथ में बैट और बॉल लेकर गली में क्रिकेट खेलने निकल जाता हैं। क्रिकेट के असली मैदान में खिलाड़ी अपने जी जान से मेहनत करता है और देश के लिए खेलता हैं।

जब क्रिकेट टीम खेलती है तो पूरा देश मानो उन्हें देखते हुए खेल रहा होता है। किकेट मैच जितना लोकप्रिय है उतना देश का राष्ट्रीय खेल हॉकी भी नहीं है। आजकल हर कोई बच्चा क्रिकेट खेलना चाहता है।

क्रिकेट टीम आजकल अलग-अलग लेवल पर खेलती है। बहुत से क्रिकेटर राष्ट्रीय लेवल पर खेलते हैं और कुछ क्रिकेटर अंतरराष्ट्रीय लेवल पर खेलते हैं।

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क्रिकेट पर निबंध (Short Essay On Cricket In Hindi)


क्रिकेट एक अंतराष्ट्रीय खेल हैं। क्रिकेट की सुरुआत दक्षिणी इंग्लैंड से हुई थी। क्रिकेट में बहुत सारे अन्तराष्ट्रीय टीम भी बने हुए है, जैसे भारत, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, श्रीलंका, वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान।

क्रिकेट खेल के बहुत सारे नियम होते हैं और उसी नियम के अनुसार ये खेल खेला जाता हैं। क्रिकेट के इस खेल को दुनिया मे बहुत अलग -अलग formats से जाना जाता हैं। जैसे अंडर 19, टी-20, आई पी एल, वर्ल्ड कप ओर टेस्ट मैच।

अंदर-19 क्रिकेट :- यह क्रिकेट अंतराष्ट्रीय क्रिकेट का सबसे छोटा खेल होता है। इसमें भी रेगुलर क्रिकेट के तरह ही नियम का पालन होता हैं।

टी-20 क्रिकेट :- यह क्रिकेट 20 -20 ओवर का होता हैं, इसी लिए इस क्रिकेट को टी-20 कहते है। इस क्रिकेट के भी लगभग सभी नियम बराबर ही होते हैं।

आई पी एल (IPL) क्रिकेट :- आई पी एल मैच भारत में साल में एक बार होता हैं। यह खेल 20 ओवर का खेला जाते हैं और इस खेल में भारत सहित अन्तराष्ट्रीय खेल में अच्छा खेलने वाले सभी खिलाड़ियों को खेलने के लिए आमंत्रित किया जाता हैं।

क्रिकेट के दुनिया मे ये खेल बहुत ज्यादा चर्चित खेल हैं। इस खेल के खिलाड़ी और टीम्स को बड़े -बड़े बिज़नेस करने वाले या सिलेब्रिटी लोग खरीदते हैं और उन टीम को लेकर वो IPL में खेलते है।

वर्ल्ड कप क्रिकेट :- इस खेल में भारत के सभी देश के खिलाड़ी शामिल होते हैं और सभी देश की अपनी अपनी टीम होती हैं। ये मैच 50 ओवर का खेला जाता हैं। ये मैच बहुत ही रोचक होते हैं और इस मैच में जीत होने पे अपने देश का नाम रौशन होता हैं।

वर्ल्ड कप जितने के लिए खिलाड़ी अपनी जी जान सब लगा देते हैं, क्योंकि ये देश के सम्मान की बात होती हैं ।

टेस्ट क्रिकेट :- यह खेल लगभग पाँच दिन तक खेला जाता हैं, ये क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा दिन तक चलने वाला और खेले जाने वाला खेल हैं।

क्रिकेट के खेल में एक टीम की तरफ से 11 खिलाड़ी खेलते हैं, लेकिन 15 खिलाड़ी का चयन किया जाता हैं। 4 खिलाड़ी को अतिरिक्त खिलाड़ी के रूप में रखा जाता हैं। जब 11 खिलाड़ी में से किसी खिलाडी को कोई चोट लग जाने पर अतिरिक्त खिलाड़ी को खेलाया जाता हैं।

क्रिकेट के खिलाड़ीयो में कुछ न कुछ खास स्किल जरूर होती हैं। कोई खिलाडी बॉलिंग में अच्छा प्रदर्शन करता हैं, तो कोई बैटिंग ओर कुछ खिलाडी ऐसे होते है जो ऑल राउंडर के रूप में होते हैं। जो कि बॉलिन ओर बैटिंग और फील्डिंग सब अच्छे से करते हैं।

क्रिकेट एक बड़े मैदान में खेला जाता है, इस खेल में दोनों तरफ तीन -तीन विकेट होते हैं ओर दोनो तरफ के विकेट के ऊपर एक एक गुल्ली होती हैं। दोनो विकेट के आगे एक एक खिलाड़ी होता हैं।

जो कि बैट ले कर पिच पे उपस्थित होते हैं। पिच के एक छोर से एक खिलाड़ी बॉल फेकता हैं और दूसरी तरह से विपक्षी टीम के खिलाड़ी बैट से बॉल को मारता हैं। बैट से मारने के बाद उसे दौड़ कर रन पूरा करना पड़ता हैं।

इस बीच जो खिलाड़ी मैदान में चेत्ररक्षण में लगे होते हैं, वो दो खिलाड़ियों के बीच में दौड़ पूरा होने से पहले आउट करने की कोशिश करते हैं। इससे खिलाड़ी आउट होते हैं और वो मैदान से बाहर हो जाते हैं।

क्रिकेट में आउट होने के तरीके

बोल्ड आउट :- क्रिकेट में जब एक खिलाड़ी गेंद फेके ओर वो गेंद बैटिंग करने वाले खिलाड़ी के बल्ले से छूट कर सीधे विकेट में लगे तो उसे बोल्ड आउट कहते हैं।

कैच आउट :- क्रिकेट में जब गेंद खिलाड़ी के बल्ले से लगने के बाद किसी खिलाड़ी ने बिना मैदान में उस गेंद को निचे गिराये पकड़ लिया, तो उस समय खिलाड़ी आउट होता हैं और उसे कैच आउट कहते हैं।

एल वी डव्लू :- जब बॉलर द्वारा गेंद फेकने पे वो गेंद विकेट के सामने से किसी भी शरीर के अंग से टकराता है, तो उस समय उसे एल वी डव्लू आउट कहा जाता हैं।

रन आउट :- जब बैटर गेंद को मारने के बाद दौड़ कर रन पूरा करते है, उस समय ग्राउंड में उपास्थि कोई भी खिलाड़ी बॉल को उसका रन(दौड़) पूरा होने से पहले अगर विकेट में मार देता है, तो उस समय उसे रन आउट कहते हैं।

हिट विकेट :- जब खेलाड़ी खेलते समय गलती से भी अगर उसके पीछे लगे विकेट में लग जाता हैं, तो उस समय उसे हिट विकेट कहते हैं।

स्टंप आउट :- बैटिंग करने के दौरान जब गेंद मारने के लिए बट्समैन आगे निकल जाता हैं और वह गेंद को नही मार पाता है। ओर विकेट से बचते हुए विकेट के पीछे खड़े खिलाड़ी के पास गेंद चला जाता हैं, तो बट्समैन के घूम कर पहुचने से पहले विकेटकीपर गेंद को विकेट पर मार देता हैं तो इससे बैट्समैन आउट हो जाता है और इसे ही स्टंप आउट कहते हैं।

क्रिकेट में बल्ला लेकर उपस्थित खिलाड़ी अपने सुरक्षा के लिए ओर चोट से बचने के लिए पेड, हेलमेट, दस्ताने इन सभी चीजों को अपने सुरक्षा के लिए उपयोग करते हैं। क्रिकेट में ओवर के द्वारा खेल को खेला जाता हैं। एक ओवर में 6 बार गेंद को फेका जाता हैं।

क्रिकेट के टीम में कप्तान का ओर उप कप्तान की बात सभी खिलाड़ी मानते है। कप्तान टीम के सभी सदस्य को समझता हैं और बताता है और उसी अनुसार से मैदान में सभी खिलाड़ी टीम का साथ देते हैं।

क्रिकेट के खेल में अंपायर का बहुत बड़ा महत्व होता हैं। सभी आउट ओर सही बॉल का इशारा ओर आदेश अंपायर द्वारा दिया जाता हैं। इस खेल में अंपायर द्वारा दिया गया डिसीजन का मान सर्वमान्य होता हैं। क्रिकेट में बॉल भी बहुत तरह का होता है, इसका भी निर्णय अंपायर द्वारा ही लिया जाता हैं।

नो बॉल :- जब गेंदबाज द्वारा किसी भी नियम का उलंघन किया जाता हैं, उस समय अंपायर इस बॉल को नो बॉल के नाम से बताता है।

वाइड वॉल :- जब कोई बॉल किसी बैटर के बैट पहुँचने से दूर चला जाता हैं तो उसे वाइड वॉल कहा जाता है।

क्रिकेट का परिणाम उसके रन पे निर्भर करता हैं ओर रन बनाने का बहुत सारे तरीका हैं। जैसे रन दौड़ कर लिया जाता है, उसी तरह क्रिकेट के मैदान में एक सीमा तय कि जाती हैं।जहाँ गेंद सिमा को बिना जमीन को छूते हुए पार कर जाए, तो खिलाडी को छह रन दिया जाता हैं और सिमा के बीच मे अगर गेंद जमीन को छूते हुए पार होता है तो चार रन दिया जाता हैं ।

अंतरास्ट्रीय क्रिकेट का प्रशासन आई सी सी (अन्तराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) द्वारा किया जाता हैं। महिला क्रिकेट टीम और पुरुष क्रिकेट की टीम अलग अलग बनायी हुई हैं। क्रिकेट आज भारत का सबसे अधिक लोकप्रिय खेल है जिसे भारत में हर जगह खेला जाता है।


तो यह था क्रिकेट पर निबंध, आशा करता हूं कि क्रिकेट पर हिंदी में लिखा निबंध (Hindi Essay On Cricket ) आपको पसंद आया होगा। अगर आपको यह लेख अच्छा लगा है, तो इस लेख को सभी के साथ शेयर करे।

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