10 Lines On Rani Lakshmi Bai In Hindi And English Language

आज हम रानी लक्ष्मी बाई पर हिंदी और इंग्लिश में 10 पंक्तिया (10 Lines on Rani Lakshmi Bai in Hindi and English) लिखेंगे। दोस्तों यह 10 पॉइंट class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए लिखे गए है।

आज तक हम सबने भारत के महान व्यक्तियों के बारे में तो सुना है और कहीं महापुरुषों के बारे में जाना भी है, मगर जब बात नारी शक्ति की आती है तो भारत की नारी पुरुषों से पीछे नहीं है।

ऐसी ही एक भारत के महान स्त्री का नाम रानी लक्ष्मी बाई है। रानी लक्ष्मी बाई भारत की बहुत बड़ी देशभक्त थी, रानी लक्ष्मी बाई ने अंग्रेजों के खिलाफ कई युद्ध किए थे और आज हम इसी वीर स्त्री के बारे में 10 पक्तिया लिखेंगे।

रानी लक्ष्मी बाई पर लिखी गई आज की यह 10 पंक्तियां आपको आज इस लेख में हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओं में लिखी मिलेगी।

10 Lines On Rani Lakshmi Bai In Hindi


  1. रानी लक्ष्मी बाई के बचपन का नाम मणिकानिर्का था, लेकिन उन्हें सब प्यार से मनु कहा करते थे।
  2. रानी लक्ष्मी बाई का जन्म 19 नवंबर को 1835 में हुआ था, उनका जन्म वाराणसी जिले में एक मराठी ब्राह्मण परिवार में हुआ था।
  3. रानी लक्ष्मी बाई मराठा शासित झांसी राज्य की रानी थी और उन्होंने अपने राज्य को अंग्रेजों से बचाने के लिए अंग्रेजों से युद्ध किए थे।
  4. रानी लक्ष्मी बाई ने 23 साल की उम्र में अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी और वीरगति प्राप्त की, लेकिन अपने राज्य झांसी को अंग्रेजों को नहीं सौंपा।
  5. रानी लक्ष्मी बाई के पिता का नाम मोरोपंत तांबे था और उनके माता का नाम भागीरथी बाई था।
  6. रानी लक्ष्मी बाई युद्ध कला में काफी निपुण थी, वह घुड़सवारी और तीरंदाजी में बहुत ही निपुण थी।
  7. रानी लक्ष्मी बाई का विवाह झांसी के राजा गंगाधर राव से हुआ था, जिस वजह से वह झांसी की रानी बनी।
  8. रानी लक्ष्मी बाई और राजा गंगाधर राव को पुत्र प्राप्त हुआ। लेकिन दुर्भाग्य से उनके बेटे की 4 महीने बाद मृत्यु हो गई।
  9. राजा गंगाधर अपने पुत्र का निधन बर्दाश्त नहीं कर सके और शादी के 2 साल बाद 21 नवंबर 1853 को उनका भी निधन हो गया और रानी लक्ष्मी बाई विधवा हो गई।
  10. रानी लक्ष्मी बाई का निधन 18 जून 1858 में हुआ था, वह अंग्रेजों से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हो गई थी।

5 Lines On Rani Lakshmi Bai In Hindi


  1. रानी लक्ष्मी बाई अपने पुत्र के मृत्यु के बाद किसी बच्चे को गोद लेना चाहती थी, लेकिन लॉर्ड डलहौजी जो उस वक्त भारत का गवर्नर था उसने इसकी इजाजत रानी लक्ष्मीबाई को नहीं दी।
  2. रानी लक्ष्मी बाई के झांसी को अंग्रेजों के हवाले ना करने की घोषणा करते ही सन 1857 में उनका अंग्रेजों के साथ एक ऐतिहासिक युद्ध हुआ था।
  3. अंग्रेजों के विरुद्ध हुए युद्ध में रानी लक्ष्मी बाई ने अपने गोद लिए हुए बेटे दामोदर को अपनी पीठ के पीछे बांध कर और घोड़े पर सवार होकर युद्ध के लिए गई थी।
  4. रानी लक्ष्मी बाई ने अंग्रेजों की गुलामी को ठुकराया और अपने आखिरी दम तक लड़ती रही।
  5. रानी लक्ष्मी बाई द्वारा दिखाई गई वीरता दुनिया की सभी महिलाओं के लिए एक प्रेरणा है और आज भी भारत के इतिहास में रानी लक्ष्मी बाई का नाम सुनहरे अक्षरों में लिखा हुआ है।

10 Lines On Rani Lakshmi Bai In English


  1. Rani Laxmi Bai’s childhood name was Manikanirka, but she was affectionately called Manu.
  2. Rani Lakshmi Bai was born on November 19, 1835, she was born in a Marathi Brahmin family in Varanasi district.
  3. Rani Lakshmi Bai was the queen of the Maratha-ruled Jhansi state and fought wars with the British to save her kingdom from the British.
  4. Rani Laxmi Bai fought the British at the age of 23 and received Veergati, but did not hand over her kingdom Jhansi to the British.
  5. Rani Lakshmi Bai’s father’s name was Moropant Tambe and his mother’s name was Bhagirathi Bai.
  6. Rani Lakshmi Bai was quite proficient in martial arts, she was very proficient in horse riding and archery.
  7. Rani Lakshmi Bai was married to Gangadhar Rao, the king of Jhansi, due to which she became the queen of Jhansi.
  8. Rani Lakshmi Bai and King Gangadhar Rao received son. But unfortunately his son died 4 months later.
  9. King Gangadhar could not bear the death of his son and after 2 years of marriage, he also died on 21 November 1853 and Rani Lakshmi Bai was widowed.
  10. Rani Laxmi Bai died on 18 June 1858, she passed on to Veeragati while fighting the British Army.

5 Lines On Rani Lakshmi Bai In Hindi


  1. Rani Laxmi Bai wanted to adopt a child after the death of her son, but Lord Dalhousie, who was the Governor of India at the time, did not allow Rani Laxmibai.
  2. A historic war with the British took place in 1857 when Rani Lakshmi Bai announced that Jhansi would not be handed over to the British.
  3. In the war against the British, Rani Lakshmi Bai tied her adopted son Damodar behind her back and rode on a horse and went to war.
  4. Rani Lakshmi Bai rejected the slavery of the British and kept fighting till her end.
  5. The valor shown by Rani Lakshmi Bai is an inspiration to all the women of the world and even today the name of Rani Laxmi Bai is written in golden letters in the history of India.

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तो यह थे वह 10 पंक्तिया रानी लक्ष्मी बाई के बारे में। आशा करता हूं कि रानी लक्ष्मी बाई पर हिंदी और इंग्लिश में 10 पंक्तिया (10 Lines On Rani Lakshmi Bai In Hindi And English) आपको पसंद आयी होगी। अगर आपको यह लेख अच्छा लगा है, तो इस लेख को सभी के साथ शेयर करे।

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